प्रदेश में नौकरियों में हो रही बंदरबांट से आज युवा हताशा औऱ निराश, अब गरीबो के लिए नहीं रही सरकारी नौकरी।
देहरादून — प्रदेश की बागडोर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपके हाथों में देकर जहाँ युवा नेतृत्व का पैगाम दिया वहीं आप भी अपनी युवा ऊर्जा का बखूबी परिचय दे रहे हैं।
प्रदेश में UKSSSC भर्ती घोटाले पर एसटीएफ जाँच बैठाकर जहाँ आपने युवाओं के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया वहीं बाद में सचिव संतोष बडोनी को हटाकर यह भी साफ कर दिया कि ऐसे अधिकारीयों को पद पर बैठे रहने का कोई अधिकार नही।
अब प्रदेश में एक के बाद एक भर्ती घोटाले सामने आने लगे हैं दरोगा भर्ती, वन आरक्षी भर्ती, वन दरोगा भर्ती , सहकारिता भर्ती , ऊर्जा निगमों में जेई/एई भर्ती औऱ अब तो सीधे प्रदेश की विधानसभा में हुई बैकडोर भर्तियों की आँच क़ई राजनीतिक लोगो के दामन तक पहुँच चुकी हैं । चाहे वो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल हों या प्रेम चंद अग्रवाल सबके ऊपर विधानसभा में बैकडोर नियुक्तियों के गम्भीर आरोप लग रहे हैं।
ये भी सच है कि हमारे प्रदेश के गरीब मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे जिनके माँ बाप दो रोटी कम खाकर, घी दूध बेचकर या मजदूरी कर अपने बच्चों को इसी आस के साथ पढा रहे हैं कि कभी तो हमारा बच्चा हमारा सहारा बनेगा, कभी तो सरकारी नौकरी लगेगा ??
लेकिन प्रदेश में नौकरियों में हो रही बंदरबांट से आज युवा हताशा औऱ निराशा की तरफ बढ़ रहा है।
धामी जी इन हताश औऱ निराश चेहरों से आज बस एक ही आवाज निकल रही है कि आप इन सारी भर्तियों की सीबीआई जाँच हो ओर दूध का दूध ओर पानी पानी हो जाए, अब इस प्रदेश के युवाओं में पुनः विश्वास जगाने के लिए उनके अंदर ऊर्जा के संचार के लिए , उनके मन मे एक दृढ़ विश्वास के लिए सीबीआई जांच जरूरी हो गई है।

