आवश्यकता अनुसार ही विधानसभा में अभ्यर्थियों की भर्ती करवाई,ओर क्या कहा मन्त्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सुनिए।
देहरादून — उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने आज विधानसभा बैक डोर नौकरी भर्ती देने के मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि जब वह विधानसभा स्पीकर थे तो आवश्यकता अनुसार ही उन्होंने विधानसभा में अभ्यर्थियों की भर्ती करवाई। उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले भी जब-जब विधानसभा स्पीकर को जरूरत लगती है तो विधानसभा में भर्तियां की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे समय में जो भर्तियां की गई उस समय गैर सेंड में ग्रीष्मकालीन राजधानी के तहत स्टाफ की जरूरत थी जिन को अस्थाई तौर पर रखा गया है और नियमानुसार भर्ती की गई हैं इसमें अध्यक्ष को ज़ब ज़ब जर्रूरत महसूस लगती हैं तो भर्ती की जाती हैं ओर पूरी प्रकिया नियमानुसार हुई हैं जिस कारण ये भर्ती को जाँच की आवश्यकता ही नहीं हैं ओर विपक्ष इसमें बेवजह तूल दे रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि 21 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब सभी भर्तियों को आयोग के माध्यम से करवाया गया है, और अगर कोई किसी कारणवश कोट जाता है तो इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता लेकिन हर भर्ती में पारदर्शिता को पूरी तरह रखा गया है।
वहीं कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है और कांग्रेस अपने गिरेबान में झांक कर देखिए कि उनके कार्यकाल में विधानसभा स्पीकर द्वारा कितने लोगों को अवैध रूप से नौकरी में लगाया गया है और मीडिया इस बारे में खुद मालूम कर सकता है कि किस तरीके से कांग्रेस के राज में विधानसभा में नौकरियों में बंदरबांट की गई।

