उत्तराखंड राज्य मे NCERT के माध्यम से पढ़ाई जाएगी संस्कृत, उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने अब इस ग्रन्थ को पढ़ाने की घोषणा।
देहरादून– उत्तराखंड राज्य मे मुस्लिम छात्र भी अब पढ़ेंगे संस्कृत और जानेंगे सनातन धर्म की क्या है खूबियां,
उत्तराखंड के 4 मॉर्डन मदरसों में शुरू की जाएगी संस्कृत
मुस्लिम छात्रों को संस्कृत पढ़ाने वाला पहला राज्य होगा उत्तराखंड, क्या आसान होगी मुस्लिम बच्चों को संस्कृत और वेदो की शिक्षा।
उत्तराखंड के मदरसों में अब पढ़ाई जाएगी संस्कृत, NCERT का पाठ्यक्रम होगा लागू।
उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की ओर से प्रदेश के चार जिलों में शुरुआती तौर पर चार मदरसों को मॉर्डन किया जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार प्रदेश के मदरसों को नया रूप देने जा रही है। स्कूलों की तरह यहां पढ़ने वाले बच्चों को भी एनसीईआरटी (NCERT) सिलेबस पढ़ाया जाएगा। इन बच्चों को सस्कृत भी पढ़ाई जाएगी। इस बात का खुलासा खुद वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने किया है। सरकार ने इसके लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। मामला सामने आने के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है।
उत्तराखंड सरकार मार्च 2024 तक मदसरों को मॉर्डन बनाएगी। उत्तराखंड में 117 मदरसों को मॉडर्न बनाया जायेगा जिसमें पहले चरण में 4 मदरसों को मॉडर्न किया जायेगा। इन मदसरों में ना सिर्फ स्कूलों की तरह कंप्यूटर लैब होगी बल्कि आधुनिक फर्नीचर भी होगा। इन मदरसों में मुस्लिम छात्र संस्कृत, हिंदी समेत अरेबिक (Arabic) या दूसरी भाषाओं के विषय का भी चयन कर सकेंगे।
कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड की इस पहल की तारीफ की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने वक्फ बोर्ड की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में संस्कृत के साथ-साथ मदरसों में अन्य भाषाओं को भी पढ़ाने की जरूरत है, जिससे मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को अन्य भाषाओं का भी ज्ञान हो सके।
उत्तराखंड के मदरसों में बच्चो को अब पढ़ाए जाएंगे वेद और पुराण
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दायित्व बांटे हैं जिनमें उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का अध्यक्ष मुफ्ती समून कासमी को बनाया गया है कासमी इससे पहले 2014 में अन्ना हजारे की टीम में शामिल रहे हैं और अन्ना आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले चुके हैं कासमी ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का कार्यभार संभालते ही एक बड़ा बयान दिया है उनका कहना है कि उत्तराखंड के मदरसों में अब बच्चों को वेद और पुराण पढ़ाया जाएगा ताकि वह सनातन धर्म को समझ सकें उसके साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम के बारे में भी बच्चों को पढ़ाया जायेगा, उन्होंने कहा कि यह धाम केवल हिंदुओं के लिए पूजनीय नहीं है बल्कि मुसलमानों के लिए भी है इसलिए हम इनके बारे में बच्चों को पढ़ाएंगे और मदरसों में योग की शिक्षा भी बच्चों को देंगे जिसकी तालीम मोल्वियो को पतंजलि योगपीठ में दी जाएगी।

