चारधाम यात्रा को लेकर सरकारी दावों पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा, बदइंतजामी को लेकर लगाए आरोप।
देहरादून– गुरुवार को भैया दूध के अवसर पर केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए अब अगले छह माह बाद बाबा केदार के दर्शन इनके शीतकालीन प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में और मां यमुना के दर्शन खरसाली में होंगे,कपाट बंद होने के मौके पर केदारनाथ धाम में 3000 से अधिक और यमुनोत्री में लगभग 2500 यात्री मौजूद रहे ।
चारधाम यात्रा को लेकर सरकारी दावों पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा है । कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने चारधाम यात्रा में बदइंतजामी को लेकर सरकार पर आरोप लगाए। देहरादून में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा पर रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की आमद को लेकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। जबकि हकीकत ये है कि यात्रियों की संख्या में ये इजाफा, कोरोना के बाद हुई यात्रा के चलते हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा की बेहतर तैयारियों का हवाला देते हुए इसका श्रेय लेना चाह रही है। सच्चाई इसके बिलकुल उलट है। करन ने कहा कि सरकार को मालूम था कि कोरोना के बाद इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इसके बाद भी पुख्ता तैयारियां नहीं की गईं। खासतौर पर स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ती नजर आईं। यात्रियों के रुकने के पुख्ता व पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। केदारनाथ धाम में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। हेली कंपनियों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। कन्फर्म टिकट ऐन मौके पर कैंसिल कर नए सिरे से महंगे दामों पर टिकट बेचे गए। करन महारा ने आरोप लगाया कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भी मौत हुई। लेकिन सरकार ने बदइंतजामी बढ़ने पर मौत के आंकड़े तक छुपाए। कुल मिलाकर सरकार की विफलता से पूरे देश में उत्तराखंड की छवि धूमिल हुई है।

