केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए आज हुए बंद, 29 अक्तूबर को डोली अपने शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी विराजमान।
रुद्रप्रयाग– आज भैया दूज के पावन अवसर पर बृहस्पतिवार प्रात: 8 बजकर 30 मिनट पर ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये है। इस अवसर पर ढाई हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। आपको बता दे की आज प्रात: तीन बजे केदारनाथ मंदिर खुल गया जिसके बाद चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गयी। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्यंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया गया ज्योर्तिलिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल,भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों- पत्तों, आदि से ढ़क दिया गया।इसके साथ ही भकुंट भैरव नाथ के आव्हान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया गया। इसके साथ ही पूरब द्वार को भी सीलबंद किया गया। वही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों का आभार जताया। कहा कि इस बार चारधाम यात्रा रिकार्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नयी केदार पुरी अस्तित्व में आ चुकी है जहां तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं मुहैया हो रही है। गौरीकुंड- केदारनाथ रोप वे के बनने से केदारनाथ यात्रा अधिक सुगम हो जायेगी।
आपको बता दे की इस वर्ष पंद्रह लाख एकसठ हजार आठ सौ बयासी तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये है।श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं, गुरुवार सुबह विधि-विधान के साथ कपाट बंद होने के बाद सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ बाबा की पंचमुखी विग्रह मूर्ति शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कर चुकी है।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा में रिकॉर्ड यात्री इस बार उत्तराखंड पहुंचे सिर्फ केदारनाथ की बात करें तो लगभग 16 लाख तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए वही यात्रा के दौरान घोड़े खच्चर वालों ने कुल 1 अरब 9 करोड़ 2800000 रुपए के लगभग रिकॉर्ड कारोबार किया इससे सरकार को भी 8 करोड रुपए से ज्यादा का राजस्व मिला है केदारनाथ धाम के कपाट इस साल 6 मई को खुल गए थे पहले ही दिन 20000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे कपाट बंद होने के एक दिन पहले बुधवार तक 15 लाख 55 हजार के लगभग लोग बाबा केदार के दर्शन कर चुके थे दावा किया जा रहा है कि यह एक सीजन में धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की अब तक की सर्वाधिक संख्या है केदारनाथ के लिए गौरीकुंड से करीब 17 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी होती है यात्रा सुगम बनाने को प्रशासन ने 4302 घोड मालिकों के 8664 घोड़े खच्चर पंजीकृत किए हैं इस सीजन में 5.34 लाख तीर्थयात्रियों ने घोड़े खच्चरो की सवारी कर केदारनाथ धाम तक की यात्रा की सोनप्रयाग मैं घोड़े खतरों के संचालन का जिम्मा संभाल रहे जी मैक्स कंपनी के प्रबंधक खुशहाल रावत ने बताया यात्रा में घोड़े खच्चर से रिकॉर्ड 1अरब 9 करोड़ 88 लाख रुपए का कारोबार हुआ है इससे घोड़ा खच्चर स्वामियों को एक अरब एक करोड़ 34 लाख में मिले जबकि सरकार को राजस्व के रूप में 8 करोड रुपए प्राप्त हुए वही कैंडी कैंडी ने 86. रुपए की कमाई की और हेली कंपनियों ने ₹750000000 का व्यापार किया।
केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए आज हुए बंद
केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8:30 बजे होंगे बंद
29 अक्तूबर को डोली अपने शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी विराजमान
जबकि दोपहर 12:09 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए गए।
माता की डोली अपने मायके खरसाली के लिए हुई प्रस्थान।

