केदारनाथ से लौटते समय गरुड़ चट्टी में हेलीकॉप्टर हादसा, पायलट समेत 7 की मौत, हेलीकॉप्टर के उड़े परखच्चे, इधर-उधर बिखर गए शव।
रुद्रप्रयाग– कपाट बंद होने से पहले केदारनाथ धाम के करीब बड़ा हादसा हो गया। गरुड़चट्टी के पास हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे में पायलट समेत 7 लोगों की मौत हो गई। केदारनाथ में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खराब मौसम और घाटी में छाया कोहरा दुर्घटना का कारण बना। हेलीकॉप्टर के एमआई-26 हेलीपैड से मस्ता के लिए उड़ान भरने से पहले ही मौसम खराब होने लगा था। घाटी में चारों तरफ कोहरा छाया हुआ था। बावजूद इसके पायलट ने हेलीकॉप्टर की उड़ान भरने का जोखिम उठा लिया।
हेलीकॉप्टर क्रैश होते ही इतनी तेज धमाका हुआ कि वहां मौजूद लोग खौफ में आ गए। क्रैश होते ही हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए और आग लग गई। हेलीकॉप्टर के गिरते ही शव इधर-उधर बिखर गए।
समुद्रतल से 11 हजार 500 फीट से अधिक ऊंचाई वाले केदारनाथ क्षेत्र में हेलीकॉप्टर को एक संकरी घाटी से होकर गुजरना होता है। यहां हवा का दबाव अत्यधिक होने के साथ ही मौसम अचानक खराब हो जाता है। ऐसे में हल्की सी चूक हेलीकॉप्टर दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकती है।
हेलीकॉप्टर आर्यन कंपनी था। हादसा केदारनाथ से वापस लौटते समय गरुड़चट्टी के पास हुआ।
अपर सचिव तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी नागरिक उड्डयन सी रविशंकर ने मीडिया को जानकारी दी कि मंगलवार को केदारनाथ से गुप्तकाशी कोे जा रहे आर्यन एविएशन हेलीकॉप्टर कंपनी के हेलीकॉप्टर क्रैश दुर्घटना में पायलट सहित 7 लोगों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। दुर्घटना मंगलवार को प्रातः लगभग 11ः40 बजे हुई। मृतकों में पायलट कैप्टन अनिल (मुंबई निवासी) मुख्य कार्यकारी अधिकारी नागरिक उड्डयन ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही प्राप्त होगी। जिलाधिकारी स्तर पर जांच बिठाई गई है।
मृतकों की सूची
1- अनिल सिंह (57) निवासी, मुंबई पायलट
2-पूर्वा रामानुज(26) निवासी गुजरात
3- कृति बराड़ (30)निवासी गुजरात
4-उर्वी बराड़ (25) निवासी गुजरात
5- सुजाता(56) निवासी तमिलनाडु
6-प्रेम कुमार (63)निवासी तमिलनाडु
7- कला (60)निवासी तमिलनाडु।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को केदारनाथ से वापस आ रहे आर्यन कंपनी के हेलीकॉप्टर के गरुड़ चट्टी के समीप दुर्घटनाग्रस्त होने पर दुख व्यक्त करते हुए इस हृदय विदारक हादसे पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि यह हादसा तकनीकी खराबी, हवा में दबाव कम होने या जिस भी वजह से हुआ है इस बात की जांच की जाएगी। यह जांच के बाद ही पता चलेगा कि हादसे के क्या कारण रहे हैं। महाराज ने हेलीकॉप्टर हादसे में मृतक सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति भी अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है।
यात्रियों का उत्साह देखते हुए बरसात के मौसम में भी हेली सेवा चालू रही। आलम यह हैं कि गुप्तकाशी, फाटा, शेरसी में हेली कंपनियों के टिकट काउंटर पर सुबह से रात तक टिकट के लिए यात्रियों की भीड़ लग रही है। यही नहीं, जिन यात्रियों को टिकट मिल भी रहा है, उन्हें भी हेलीकॉप्टर में सवार होने के लिए 6से 8 घंटे का समय या अगले दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।

