विधानसभा में हुई बैकड़ोर भर्ती मामले में विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा एक्शन, जांच के लिए समिति गठित,राज्य गठन से अबतक हुई भर्तियों की होगी जांच।

विधानसभा में हुई बैकड़ोर भर्ती मामले में विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा एक्शन, जांच के लिए समिति गठित,राज्य गठन से अबतक हुई भर्तियों की होगी जांच।
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देहरादून– उत्तराखंड विधानसभा में बैकडोर से हुई भर्तियों के मामले में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी ने बड़ा एक्शन लिया है। दअरसल विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी ने मामले की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया है। इस जांच समिति के दिलीप कुमार कोटिया अध्यक्ष होंगे, जबकि सुरेंद्र सिंह रावत और अवनींद्र सिंह नयाल इसके सदस्य होंगे। यह जांच समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने बताया कि विधानसभा के सचिव मुकेश सिंघल को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक के लिए अवकाश पर भेज दिया है। लेकिन मुकेश सिंघल को जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही साल 2000 से विधानसभा में अबतक की हुई सभी भर्तियों की जांच भी की जाएगी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वह कितने भी कड़वे निर्णय लेने होंगे वह पीछे नहीं हटेंगी और वह किसी को भी निराश नहीं होंने देंगी सबके साथ न्याय करेंगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा उत्तराखण्ड विधान प्रदेश का सर्वोच्च सदन है, इसकी गरिमा को बनाये व बचाये रखना मेरा दायित्व ही नहीं मेरा कर्तव्य भी है। एक बात मैं स्पष्ट रूप से प्रदेशवासियों को और खासतौर पर उत्तराखण्ड के युवा वर्ग को कहना चाहूँगी, वह आश्वस्त रहें, मैं किसी को भी निराश नहीं करूँगी, सबके साथ न्याय होगा।

मेरे लिये सदन की गरिमा से ऊपर कुछ भी नहीं है इसको बनाए रखने के लिये कितने ही कठोर व कड़वे निर्णय लेने हों, मैं पीछे नहीं हटूंगी। विधान सभा परिसर लोकतन्त्र का मंदिर है। अध्यक्ष होने के नाते किसी भी प्रकार की अनियमितता एवं अनुशासनहीनता मुझे स्वीकार्य नहीं है। विधान सभा व प्रदेश के हित में मुझे जितने भी रिफॉर्म्स विधान सभा में करने पडें मैं उसके लिये तैयार हूँ ।

मेरे सार्वजनिक जीवन की शुरूआत माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर हुई। मुझे याद है उन्होंने कहा था “ना खाऊंगा ना खाने दूंगा” इसी ध्येय को मैंने भी अपने जीवन में उतारा है।

मीडिया व अन्य विभिन्न स्रोतों से विधान सभा सचिवालय में कार्मिकों/अधिकारियों की विधि एवं सेवा नियमों के विरूद्ध नियुक्तियों / पदोन्नति के सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी के आधार पर जनहित में मैंने आज दो बड़े निर्णय लिये हैं।

1. विशेषज्ञ जांच समिति गठित की गयी है जिसमें (क) दिलीप कुमार कोटिया (अध्यक्ष) (ख) सुरेंद्र सिंह रावत सदस्य एवं (ग) अवनेन्द्र सिंह नयाल सदस्य हैं। सभी पूर्व कार्मिक सचिव हैं एवं प्रदेश के वह इस मामले के विशेषज्ञ हैं। इसके साथ-साथ यह भी निर्देश दिया है कि विशेषज्ञ समिति अधिकतम एक माह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट / सुझाव उपलब्ध करायेगी।

2. दूसरा निर्णय यह किया है कि वर्तमान विधान सभा सचिव (मुकेश कुमार सिंघल) तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अवकाश पर रहेंगे। उक्त अवकाश की अवधि में विशेषज्ञ समिति, मुकेश कुमार सिंघल सचिव को जांच में सहयोग हेतु उपस्थित होने के लिये जब-जब कहेगी तो उन्हें ऐसे निर्देशों का पालन करना होगा।

Rupesh Negi

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