बर्ड फेस्टिवल के साथ कोटद्वार को मिली विकास की सौगातें, ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा।

बर्ड फेस्टिवल के साथ कोटद्वार को मिली विकास की सौगातें, ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा।
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कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल)– कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में शुक्रवार को दो दिवसीय कोटद्वार बर्ड फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

बर्ड फेस्टिवल का उद्देश्य पक्षी संरक्षण, जैव विविधता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और ईको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करना है। फेस्टिवल के दौरान बर्ड वॉचिंग, बर्ड फोटोग्राफी, नेचर ट्रेल्स, पर्यावरण जागरूकता प्रदर्शनी, क्विज सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें उत्तराखंड सहित कई राज्यों से आए प्रकृति प्रेमी, छात्र और पर्यटक बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने हल्दूखाता पेयजल योजना, मावकोट–मोटाढांग पेयजल योजना और सुखरो नदी पर बाढ़ सुरक्षा दीवार के निर्माण की घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों को पेयजल सुविधा और बाढ़ से सुरक्षा में राहत मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने मुख्यमंत्री को कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनहितकारी आवश्यकताओं से संबंधित एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। मांग पत्र में पेयजल, शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, विद्युत और उच्च शिक्षा से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया।

अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से इस मार्ग के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग को पहले सीबीआई जांच से मुक्त कराया गया और वर्तमान में मामले में प्रत्येक सप्ताह नियमित सुनवाई हो रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों को यह विश्वास दिलाया गया है कि लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग का निर्माण निश्चित रूप से किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि घोषित योजनाओं से कोटद्वार क्षेत्र के नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं में सुधार मिलेगा और समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

यह दो दिवसीय कोटद्वार बर्ड फेस्टिवल 1 फरवरी 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम को प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि देशभर के पक्षी प्रेमी पहले से अपनी यात्रा की योजना बना सकें और कोटद्वार को ईको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक स्थायी पहचान मिल सके।

Rupesh Negi

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