भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर उत्तराखंड में हुआ हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था की गई चाक चौबंद।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर उत्तराखंड में हुआ हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था की गई चाक चौबंद।
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देहरादून– भारत पाकिस्तान के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति के दौरान राजधानी देहरादून में युद्ध के दौरान किस तरह बचाव कार्य किया जाना है इसको लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई मॉकड्रिल के दौरान पुलिस, सिविल डिफेंस ,एन सी सी और जिला प्रशासन की टीमों के संयुक्त प्रयास से सिविलियन को रैस्क्यू करने का कार्य किया गया मौक़े पर मौजूद आला अधिकारियों द्वारा इस तरह की स्थिति के दौरान बचाव संबंधित दिशा निर्देश दिए गए साथ ही इस तरह की मॉक ड्रिल ऐसी गतिविधियों के दौरान कितनी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है इस बारे में भी जानकारी दी गई।

मॉकड्रिल की रणनीति हुई तैयार, मॉकड्रिल को लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी रहा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सीईओ की अध्यक्षता में चल रही बैठक,

बैठक में NDRF, ITBP, BSF, AMC, UPCL, SDRF, RTO, सिविल डिफेंस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

मॉकड्रिल के लिए 2 स्थान चिन्हित

ISBT, MDDA कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर में  मॉकड्रिल की गई।

4 :15 बजे शुरू हुई मॉकड्रिल

अलग- अलग जगह पर 25-25 विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।

मॉकड्रिल शुरू होने से पहले पुलिस लाइन में सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहें,पहले 2 मिनट का प्लेन सायरन बजाया गया।

जिसके बाद अप-डाउन सायरन बजा, जोकि रेड सिग्नल का संदेशा दिया, इसके बाद 2 मिनट का दुबारा सायरन बजा , जोकि सामान्य स्थिति का संदेश दिया गया,

इस दौरान 5-5 वॉलिंटियर्स मौजूद रहें जोकि जन जागरूकता का संदेश दिया गया, 30 मिनट का पावर कट किया गया जिससे अंधेरा होने कैसे बचा जायेगा इसकी जानकारी डी गई।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जहां देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट मोड पर हैं वही गृहमंत्रालय के आदेश के बाद कई राज्यों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया इस ड्रिल के द्वारा युद्ध के हालात में निपटने के लिए तैयार रहना और बचाव वा सुरक्षा के उपाय भी बताए गए देहरादून में भी सायरन बजा और तमाम सुरक्षा एजेंसियां व अन्य विभाग के कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए उसके बाद स्थानीय लोगों को इस बात की जानकारी भी दी गई कि अगर अचानक से एयर स्ट्राइक होती है तो आपको किस तरह की सावधानियां बरतनी है कुल मिलाकर यह एक जागरूकता का एक  हिस्सा था जिससे लोगों को समय रहते जागरूक किया जाए और होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

Rupesh Negi

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