सतर्क रहें आज शाम बजेगा सायरन,सतर्कता बरतने नागरिकों को सुरक्षा के दृष्टिगत कार्यक्रम आयोजित।
देहरादून– जिलाधिकारी सविन बसंल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में सेना, अर्द्वसैनिक बल सिविल डिफेंस के वार्डन, वॉलिंटिसर्य एवं आईआरस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर मॉक अभ्यास के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए।
गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं मुख्य सचिव , उत्तराखण्ड शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में नागरिक सुरक्षा के तैयारियों के सुदृढीकरण हेतु -07 मई 2025 को सायं 4 बजे जनपद देहरादून के अंतर्गत 05 स्थानों धारा पुलिस चौकी, ब्लाईंड स्कूल राजपूर रोड़, लख्खीबाग पुलिस स्टेशन, जिलाधिकारी परिसर क्लैक्ट्रेट देहरादून, आईएसबीटी, आराघर पुलिस चौकी, में सायरन / हूटर बजा कर लोगों का सतर्क किया जायेगा। हवाई हमले के दौरान सतर्कता बरतने एवं बचाव के लिए यह मॉक अभ्यास आयोजित किया जा रहा है। हवाई हमले के दौरान सतर्कता बरतने नागरिकों को सुरक्षा के दृष्टिगत आयोजित किया जा रहा है, इसका उद्देश्य सिविल डिफेंस सहित आईआरएस सिस्टम को सक्रिय रखना तथा संभावित आपदा बाहरी आक्रमण के दौरान किस प्रकार सुरक्षा के उपाय किये जाने हैं के लिए जनमानस/नागरिकों जागरूक करना है।
1. अलर्ट और सतर्कता
* एयर रैड सायरन की आवाज़ पहचानें
* मोबाइल या रेडियो पर सरकारी अलर्ट सुनें
* अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें।
2. सुरक्षित स्थान (शरणस्थल)
* निकटतम बंकर या शरणस्थल की जानकारी रखें
* अपने घर में मजबूत, बिना खिड़की वाला कमरा तैयार रखें
* शरणस्थल तक जल्दी पहुँचने का रास्ता पहले से तय करें
3. जरूरी वस्तुएँ तैयार रखें
* पीने का पानी (कम से कम 3 दिन का)
* सूखा भोजन (बिस्किट, ड्राई फ्रूट्स आदि)
* प्राथमिक चिकित्सा किट
* टॉर्च और एक्स्ट्रा सेल
* पोर्टेबल रेडियो
* जरूरी दस्तावेज़ (ID, मेडिकल रिपोर्ट, बैंक डिटेल्स)
* मोबाइल चार्जर / पावर बैंक
4. अंधेरा और सुरक्षा
* रात में सभी लाइटें बंद रखें (ब्लैकआउट)
* खिड़कियों पर मोटे पर्दे, काले कागज़ या ब्लाइंड लगाएँ
* शीशे से दूर रहें, ज़मीन पर लेट जाएँ
5. अभ्यास और तैयारी
* परिवार के साथ हवाई हमले की ड्रिल करें
* बच्चों को सुरक्षित स्थान और प्रक्रिया सिखाएँ
* पड़ोसियों के साथ आपसी सहयोग सुनिश्चित करें
6. हमले के बाद क्या करें
* बाहर तभी निकलें जब सरकारी निर्देश मिले
* घायल हों तो प्राथमिक उपचार करें
* संदिग्ध वस्तु या बम दिखे तो छुए नहीं — पुलिस को सूचित करें।

