गुलदार के आतंक से राजधानी मे दहशत, घनी आबादी के बीच 12 साल के बच्चे पर हमला।

गुलदार के आतंक से राजधानी मे दहशत, घनी आबादी के बीच 12 साल के बच्चे पर हमला।
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देहरादून– राजधानी देहरादून मे गुलदार का आतंक धमने का नाम नही ले रहा है, रविवार शाम शहर की आबादी की बीचों- बीच कैनाल रोड से सटे चीड़ोंवाली खाला (संधोवाली) रिस्पना नदी में 12 साल के बच्चे पर गुलदार ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब चार बच्चे नदी के पास खेल रहे थे। अचानक गुलदार आया और एक बच्चे पर हमला बोल दिया। गनीमत ये रही की गुलदार बच्चे को साथ ले जाने में नाकाम रहा और शोर होने पर वहां से भाग गया।

घायल बच्चे को दून हॉस्पिटल आईसीयू में भर्ती करावाया गया। पुलिस और वन विभाग की टीम देर रात तक क्षेत्र में कॉम्बिंग में जुटी थी।

जाखन चौकी इंचार्ज के मुताबिक घटना रविवार शाम करीब 6:15 की है। बताया कि चीड़ोंवाली इलाके के रहने वाले चार बच्चे नदी के आस पास खेल रहे थे। इन दिनों नदी का ज्यादातर हिस्सा सुखा है। बच्चों ने कुछ लकड़ी भी जमा की हुई थी।  इस दौरान गुलदार ने निखिल पुत्र शेरबहादुर निवासी कंडोली के ऊपर बाघ ने निखिल के पिछे से हमला किया है। जिससे सिर के पीछे का हिस्सा लहूलुहान हो गया। माना जा रहा है कि बाघ गर्दन दबोचने की फिराक में था। जिसमें वह कामयाब नहीं हो सका । आसपास मौजूद बच्चों और लोगों ने शोर मचा दिया। जिससे बाघ भाग निकाला। बताया कि निखिल के पिता मूल रूप से नेपाली है और देहरादून के जाखन मे मजदूरी करते है।

क्षेत्र में दहशत का माहौल

जिस इलाके में यह घटना हुई है। वह कैनाल रोड से कुछ ही दूरी पर है। बाला सुंदरी मंदिर के सामने से जाने वाले मार्ग पर पुल के पास ही यह घटना हुई है। इस इलाके के आस पास घनी आबादी और पॉश कॉलोनी है। लोगों की लगातार इस इलाके में आवाजाही बनी रहती है। बाघ के इस हमले के बाद से क्षेत्र के लोग दहशत में है।

26 दिसम्बर को सिंगली में बच्चे को उठा ले गया था गुलदार

3 सप्ताह के भीतर देहरादून में गुलदार और बाघ के हमले की ये दूसरी बड़ी घटना है। बीती 26 दिसम्बर की रात देहरादून के सिंगली गांव में चार साल के बच्चे को गुलदार घर के आंगन से उठा ले गया था। चार साल के बच्चे का शव तो बरामद कर लिया गया था। लेकिन, वन विभाग गुलदार को पकड़ने में अब तक नाकाम है।

नानकमत्ता में मां के सामने गुलदार ने 4 वर्षीय बच्चे को मार डाला

वहीं, रविवार को ऊधमसिंह नगर के नानकमत्ता में भी गुलदार के हमले का एक और मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक चारा काट रही मां के सामने ही खेत में खेल रहे चार वर्षीय मासूम को तेंदुए ने मार डाला। शोर मचाने पर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया। गले पर तेंदुए के दांत लगने से बच्चे की मौत हुई है। घटना रविवार शाम करीब पांच बजे की है। ग्राम टुकड़ी की रहने वाली सुखविंदर कौर चार साल के बेटे जसवंत सिंह को लेकर गांव की अन्य महिलाओं के साथ पशुओं के लिए खेत से चारा लेने गई थी।

खटीमा के घोसी कुआं में भी गुलदार का हमला

रविवार तड़के ऊधमसिंह नगर के खटीमा घोसी कुआं में भी गुलदार के हमले की घटना हुई। बताया गया कि घर के आंगन में सो रहे तीन लोगों पर गुलदार ने हमला किया। जिसमे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया कि नीरज सिंह के पुत्र नीतेश की शादी का शनिवार को रिसेप्शन था। रिशेप्शन खत्म होने के बाद रिश्तेदार घर के आंगन में सो गए। रविवार तड़के आंगन में सो रहे अनुराग राणा और दिनेश सिंह पर गुलदार ने हमला बोल दिया। इसके बाद गुलदार ने रजनीश राणा पर भी हमला किया। शोर सुनकर गुलदार जंगल की तरफ भाग गया। घायलों का उपचार चल रहा है।

वैभव कुमार सिंह, डीएफओ मसूरी डिविजन ने कहा की इस इलाके के आस पास गुलदार के होने की सूचना करीब 20 दिन पहले मिली थी। इस एरिया में 20 दिन से वन विभाग की टीम अलर्ट पर थी। लोगों को आगाह किया गया था कि सुबह और शाम अंधेरा होने के बाद एहतियात रखें। क्या करें और क्या ना करें से संबंधित बातों से भी लोगों को अवगत कराया गया था। बावजूद लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। क्षेत्र में पिंजरे भी लगाए गए है।

Rupesh Negi

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