एफआरएच कर्मियों के लिए रिनेसां कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन, प्रशिक्षण देकर सिखाए होस्पिटैलिटी के गुर।

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देहरादून/रामनगर– कॉर्बेट नेशनल पार्क के विभिन्न वन विश्राम गृहों में तैनात कर्मियों की दक्षता व कुशलता बढ़ाने के लिए पीरूमदारा स्थित रिनेसां कॉलेज में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन कॉलेज परिसर में हुआ। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संस्थान के मास्टर ट्रेनर्स की ओर से कॉर्बेट नेशनल पार्क की ढिकाला, बिजरानी, सर्पदुली, ढेला, कालागढ़ टाइगर रिजर्व व कालागढ़ रेंज के वन विश्राम गृहों के दो दर्जन से अधिक कार्मिकों को हॉस्पिटैलिटी स्किल प्रशिक्षण दिया गया। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण की अवधि में प्रशिक्षणार्थियों ने गेस्ट रिसेप्सन, फूड प्रिपेरेशन और फूड सर्विस व गेस्ट रूम मैनेजमेन्ट समेत इन्ड्रस्टी स्टैण्डर्ड को जाना। प्रशिक्षुओं को फूड रेसिपिस, कांटिनेन्टल सॉस, भारतीय व्यंजन व स्वीट डिशेस आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। रूम डिविजन मैनेजमेन्ट ट्रेनिंग में बेड मेकिंग, गेस्ट रूम की साज-सज्जा सहित कई क्रियाकलापों का डेमोस्ट्रेसन दिया गया। फूड सर्विस डिपार्टमेंट की ओर से नैपकिन फोल्डिंग, सर्विस स्टाइल्स के डेमोस्ट्रेसन देकर अभ्यास भी कराया गया। कार्यशाला में संप्रेषण कला, शारीरिक हाव भाव के साथ ही हॉस्पिटैलिटी के महत्व पर भी प्रशिक्षकों द्वारा चर्चा की गई। फूड प्रॉडक्शन लैबोट्री में प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न सैंडविच, पास्ता, कॉन्टीनेन्टल सॉस व पुडिंग आदि डिशेस को बनाना व उनके प्रस्तुतिकरण का हुनर सीखा। प्रशिक्षिणार्थियों को हॉस्पिटैलिटी के महत्व व हॉस्पिटैलिटी किया-कलापों को व्यवस्थित करने से सम्बन्धित प्रशिक्षण व रूम साज-सज्जा व टावल आरिगेनी आदि का भी प्रशिक्षण दिया गया। रिनेसा कॉलेज की ओर बताया गया कि इस प्रशिक्षण में वन विभाग कार्मिको की कार्य क्षमता में वृद्धि करना, हॉस्पिटैलिटी माइंडसेट तैयार करना व संप्रेषण क्षमता के विकास को लक्ष्य रखा गया है। समापन कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिये गयें। प्रबन्ध निदेशक आलोक गुसाईं, निदेशक कुणाल मदान ने सभी प्रक्षिणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि रिनेसां कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त सभी प्रशिक्षणार्थी अपने कार्य को और बेहतर तरीके से कर पाने में सफल होगें। संस्थान के निदेशक आलोक गुसाईं ने बताया कि कॉर्बेट नेशनल पार्क के विभिन्न वन विश्राम गृहों में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। जहां कर्मचारियों द्वारा उनकी आवभगत से लेकर भोजन आदि का प्रबंध किया जाता है। पर्यटकों को किस प्रकार अधिक से अधिक सुविधा प्रदान की जाए, जिससे वह पार्क से मधुर स्मृतियां लेकर वापस जाएं, इसके चलते कर्मियों को होस्पिटैलिटी के बेसिक गुर सिखाए जा रहे हैं। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के इस कार्यक्रम में होस्पिटैलिटी से जुड़े सभी विभागों की जानकारी दी जाएगी।

Rupesh Negi

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