गार्ड सोते रहे और महिंद्रा के शोरूम से दो कुंतल की तिजोरी ले उड़े चोर।
देहरादून/हल्द्वानी– देर रात असलहाधारी चोरों ने रामपुर रोड स्थित महिंद्रा शोरूम से दो कुंतल की तिजोरी उड़ा ली। इस तिजोरी में 30 लाख रुपये से अधिक की नगदी बताई जा रही है। सुबह सूचना मिलते ही पुलिस, एसओजी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। चोरों की करतूत सीसीटीवी में कैद हो गई है। शोरूम मालिक ने टीपीनगर पुलिस को तहरीर सौंपी है।
पालम सिटी निवासी संजय अग्रवाल उर्फ गोलू का रामपुर रोड पर बजरंग मोटर्स के नाम से महिंद्रा गाड़ियों का शोरूम है। शनिवार शाम करीब नौ बजे स्टाफ शोरूम बंद करके चला गया था। रविवार सुबह नौ बजे शोरूम खुला और आधे घंटे बाद संजय भी दफ्तर पहुंच गए। सुबह करीब 10 बजे ऑफिस ब्वाय ने संजय का केबिन खोलने पहुंचा तो उसके होश फाख्ता हो गए।
दरवाजे का लॉक टूटा हुआ था। उसने मालिक को बताया और जब संजय ने ऊपर जाकर देखा तो दो कुंतल की तिजोरी गायब थी। तिजोरी भारी होने के कारण चोर उसे उठा नहीं पाए तो वे उसे घसीटते हुए बगल के निर्माणाधीन मकान की छत पर ले गए, जहां से उसे खेत में फेंका। इसके बाद एक कार पहुंची, जिसमें तिजोरी को लादकर फरार हो गए। मौके पर तिजोरी रगड़कर ले जाने के निशान थे। संजय की सूचना टीपी नगर पुलिस चौकी, एसओजी और फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंच गई।
संजय के मुताबिक तिजोरी में करीब 30 लाख रुपये की नगदी थी। हालांकि शोरूम की खाता बुक जांचने के बाद ही असल रकम का पता चल सकेगा। इधर, पुलिस ने जांच शुरू की और शोरूम के सीसीटीवी देखे तो तीन चोर सीढ़ी चढ़ते दिखे। पूरे मामले में खास बात यह है कि शोरूम की सुरक्षा में रात दो गार्ड मौजूद थे, शोरूम में ड्यूटी कर रहे गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। रविवार की सुबह शोरूम मालिक कार्यालय में पहुंचे तो तिजोरी गायब थी। वारदात के बाद राजपुरा चौकी इंचार्ज सुशील जोशी, कोतवाल हरेंद्र चौधरी, एसएसआइ विजय मेहता टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। जिस तरीके से चोर शोरूम के अंदर घुसे और फिर आसानी से फरार हो गए, उससे यही लगता है या तो रेकी हुई या फिर किसी को पहले से शोरूम के बारे में सारी जानकारी थी। करीबी का भी हाथ हो सकता है। आरोपितों के पकड़े जाने के बाद ही इन सारे सवालों के जवाब सामने आएंगे।
चोर बहुत शातिर थे, शोरूम के पहले कमरे में घुसने पर सभी के पैरों में जूते थे, जिसके निशान खिड़की के पास रखी कुर्सी पर दिख रहे हैं। अंदर सीसीटीवी फुटेज में चोरों के पैर में जूते नहीं हैं। सभी ने चेहरे पर मास्क और हाथ में दस्ताने पहन रखे थे। चोरों को पता था कि हाथ के निशान उन्हें पकड़ा सकते हैं। पुलिस फिंगर प्रिंट ले सकती है।
शोरूम में सुरक्षा के लिए दो गार्ड तैनात हैं, जिसमें एक गनमैन भी है। सवाल ये कि गार्ड क्या शोरूम के बाहर ही चौकीदारी करते रहे। तिजोरी को घसीटते हुए निर्माणाधीन भवन की छत पर फेंका गया। इस दौरान कुछ तो शोर हुआ होगा। उन्हें भनक क्यों नहीं लगी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि चोर जिस जगह से घुसे, वहां बाहर लगा सीसीटीवी बंद था, मगर अंदर चालू था, जिसमें चोरों की पहली तस्वीर कैद हुई। इसके बाद चोर जहां से निकले, वहां लगा कैमरा भी बंद था। तिजोरी का वजन 2कुंतल था। शोरूम कर्मचारियों के अनुसार, इसे दो मंजिला पर पहुंचने में छह कर्मचारी लगे थे। तीन चोर इसे उठा नहीं सके तो घसीटकर ले गए। छत से खेत में फेंकते ही एक सफेद रंग की कार आई,उसमें तिजोरी लादकर ले गए।

