राजधानी दून के गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे पूर्व मुख्यमन्त्री ने क्यों किया सांकेतिक उपवास।
देहरादून– राजधानी दून के गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सांकेतिक उपवास किया । इस दौरान उपवास में पूर्व मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा सहित वरिष्ट पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे । पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा की उनके द्वारा 3 मांगो को लेकर उपवास किया गया है .. जिसमे दलित उत्पीड़न, महिला उत्पीड़न, अतिक्रमण और ट्विंस सिटी के नाम पर किसानों की जमीनों को हड़पने का काम किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा की कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी ।
3 दिन चले विधानसभा सत्र के अंदर भी विपक्ष ने अतिक्रमण की कार्यवाही को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए सदन में जहां कॉन्ग्रेस के विधायक अतिक्रमण अभियान को लेकर हमलावर है वही सड़क पर कॉन्ग्रेस संगठन सरकार को घेर रहा है आज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में हो रहे अतिक्रमण अभियान को लेकर गांधी पार्क में मौन उपवास रखा इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे हरीश रावत का आरोप है कि सरकार अतिक्रमण हटाओ अभियान की आड़ में गरीब लोगों को सता रही है प्रदेश भर में यह अभियान जारी है लेकिन इस अभियान की आड़ में गरीबों को परेशान किया जा रहा है हरीश रावत ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण की आड़ में गरीब लोगों के घर तोड़ने का काम किया जा रहा है और जो लोग लंबे समय से व्यवसाय से जुड़े हुए हैं उनके भी ठिकानों को तोड़ा जा रहा है। इस दौरान हरीश रावत ने महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न के मामलों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला ।
आपको बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश भर में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है जिसके तहत सड़कों के किनारे और सरकारी भूमि पर जहां भी अतिक्रमण हुआ है उसको हटाने का काम किया जा रहा है अब तक तकरीबन 2700 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका और 450 से ज्यादा अवैध मजारे वन भूमि से हटाई जा चुकी हैं में शुरुआत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर वन भूमि पर बनी अवैध मजारों को तोड़ने का काम किया गया था जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया और कांग्रेस ने सरकार पर जमकर आरोप लगाए उसके बाद अभियान के जरिए सरकारी भूमि अवैध अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हुआ जिसमें बड़े स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है और कई लोगों के मकान, व्यावसायिक भवन समेत भूमि अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है जिसको लेकर बीजेपी और कोंग्रेस एक दूसरे पर हमलावर है जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही यह कह चुके हैं कि प्रदेश में अतिक्रमण के नाम पर किसी को भी परेशान नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा की राज्य में दलितों का उत्पीड़न भाजपा सरकार में चरम पर है और सरकार इस दिशा में कोई काम नहीं कर पा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को चाहिए थी कि आम जनता के सुध ली जाए उनकी जो समस्याएं हैं उनका समाधान किया जाए लेकिन यहां पर उत्पीड़न के नाम पर लोगों में भाई का माहौल बनाने का काम किया जा रहा है।

