बागेश्वर की हार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कार्यकर्ताओं की जीत, कहा बागेश्वर उपचुनाव में भाजपा की हुई नैतिक हार, हमारे हौसले बुलंद।
देहरादून– कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा बागेश्वर में हुई हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि वहां भाजपा की नैतिक हार हुई है। करण माहरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव में पूरे प्रशासनिक अमले का इस्तेमाल किया लेकिन फिर भी अपना वोट बैंक नहीं बढ़ा पाई। जबकि कांग्रेस का 20% वोट बैंक बढा़ है। उन्होंने बागेश्वर की हार को हार नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की जीत बताया है।
वहीं डेंगू के मामले को लेकर करण माहरा ने कहा कि सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। अस्पतालों की हालत खस्ता है। फागिंग नहिं हो रही है जबकि नगर निगम को हर महीने 40 लाख रुपए दिए जा रहे हैं. वहीं अतिक्रमण के मुद्दे पर कहा कि अतिक्रमण के नाम पर लोगो के घर होटल तोडे जा रहे हैं। लोगों को बेघर कर दिया गया है जबकि इस वक्त 400 से ज्यादा सड़के बंद पड़ी है। करण माहरा ने कहा कि इन बुलडोजरों का प्रयोग सड़क खोलने में करती सरकार तो ज्यादा बेहतर होता।
बागेश्वर उपचुनाव में भले ही चुनाव के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में ना आए हो लेकिन कांग्रेस का कहना है कि उनके हौसले अब भी बुलंद हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा की माने तो इस चुनाव में भाजपा की नैतिक हार हुई है और उसका सीधा उदाहरण है कि भाजपा की जो प्रत्याशी रही हैं उनके अपने पोलिंग बूथ यानी मंडलसेरा में भी कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस उपचुनाव में कांग्रेस का अपना 20% वोट बैंक बढ़ाने का काम किया है और दूसरी तरफ भाजपा ने इस चुनाव को प्रभावित करने के लिए विपक्ष पर जहां पाबंदियां लगाई थी वहीं शोकसभा के नाम पर अपने नेताओं के भाषण लाइव दिखाने का काम किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बागेश्वर उपचुनाव के परिणाम कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और बेहतर काम करेगी और बेहतर रिजल्ट पाएगी… जबकि भाजपा के लिए यह चुनाव परिणाम उल्टी गिनती शुरू करने वाले रहे हैं।
बागेश्वर उप चुनाव में कांग्रेस ने भी पूरी ताकत झोंकी थी.. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तो पूरे 8 दिन तक वहां डेरा डाले रखा … एक सितंबर तक तो कोई यह नहीं कह रहा था कि ऊट किस करवट बैठेगा लेकिन दो और तीन सितंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी के रोड शो और सभाओ ने चुनाव का रुख पलट दिया। भले ही कांग्रेस इसको बीजेपी की नैतिक हार बता रही हो। लेकिन भाजपा इस जीत के बाद गदगद दिखाई दे रही है।

