विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए आज होंगे बन्द, सभी तैयारियां पूरी।
बदरीनाथ– विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट आज होंगे बंद
दोपहर 3 बजकर 35 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे कपाट। बद्रीनाथ मंदिर को गेंदों के फूलों सेसजाया गया है।
अब शीतकालीन गद्दीस्थल पांडुकेश्वर व जोशीमठ में श्रद्धालु करेंगे भगवान बदरीनाथ के दर्शन कपाटबंदी के लिए सभी तैयारिया पूरी कर ली गईं है।
इस बार बदरीनाथ धाम में रिकार्ड तोड़ 17.47 लाख श्रद्धालुओ ने किए दर्शन
वर्ष 2018 में 10.58 लाख, जबकि 2019 में 10.48 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे बद्रीनाथ धाम।
शनिवार को रावल मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी स्त्री वेश धारण कर माता लक्ष्मी की प्रतिमा को बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में प्रतिष्ठापित करेंगे और उद्धव व कुबेर जी की प्रतिमा को मंदिर परिसर में लाया जाएगा।
बदरीनाथ धाम के कपाट आज शनिवार को अपराह्न 3 बजकर 35 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। बदरीनाथ धाम के सिंह द्वार को गेंदे के फूलों से सजाया गया है। शुक्रवार को पंच पूजाओं के चौथे दिन माता लक्ष्मी का आह्वान कर पूजन संपन्न हुई। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना तथा कढ़ाई भोग अर्पित किया गया। शनिवार को रावल मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी स्त्री वेश धारण कर माता लक्ष्मी की प्रतिमा को बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में प्रतिष्ठापित करेंगे और उद्धव व कुबेर जी की प्रतिमा को मंदिर परिसर में लाया जाएगा। माणा गांव की महिला मंगल दल की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए घी में भिगोया ऊन का कंबल को भगवान बदरीनाथ को ओढ़ाया जाएगा। इसके बाद अपराह्न 3 बजकर 35 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर लिए जाएंगे।

