धर्मांतरण कानून को लेकर प्रदेश सरकार अब कानून को और ज्यादा सख्त,क्या होंगे अपराध कम।
देहरादून– उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून को लेकर प्रदेश सरकार ने अब कानून को और ज्यादा सख्त कर दिया है । धर्मांतरण साबित होने पर दोषियों को अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा। धर्मांतर आरोपी को 10 लाख की क्षतिपूर्ति भी देनी पड़ेगी। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता विधेयक लाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। विधेयक पास होने के बाद जबरन धर्मांतरण संज्ञेय अपराध हो जाएगा. सीएम धामी ने धर्मांतरण को लेकर कहा है की विधानसभा चुनाव से पहले हमने उत्तराखंड की जनता के सामने यह रखा था की हम सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लेकर आएंगे वहीं अब धर्मांतरण उत्तराखंड में एक बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहा है और इसी को देखते हुए हमने यह फैसला लिया है।उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून को ओर सख्त बनाने का काम सरकार की तरफ से किया जा रहा है… जिसमें पूर्व पर बने एक्ट में धामी सरकार ने संशोधन किया है। धर्मश्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सजा के प्रावधान में संशोधन किया गया है 2 साल से 7 साल तक की कड़ी सजा देने का कारण इस एक्ट में किया गया है ताकि अपराधियों को सजा मिल सके। धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कानून के बनने से जनता को लाभ मिलेगा और अपराधियों को कड़ी सजा मिलेगी साथ ही अपराध भी कम होंगे।

