उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण के लिए अध्यादेश की मांग,यूकेडी महिला मोर्चा का विधानसभा भवन पर हल्ला बोल।
देहरादून– उत्तराखंड क्रांति दल महिला मोर्चा ने उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण के लिए अध्यादेश लाने की मांग को लेकर विधानसभा भवन के सामने जमकर नारेबाजी व जोरदार प्रदर्शन की गई।
यूकेडी महिला मोर्चा की केंद्रीय अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि यदि तत्काल अध्यादेश नहीं लाया गया तो यूकेडी सड़कों पर उत्तरकर जन आंदोलन करेगी और सरकार को घेरने का काम करेगी।
यूकेडी महिला मोर्चा की केंद्रीय उपाध्यक्ष उत्तरा पंत बहुगुणा ने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से अपील की आप उत्तराखंड महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण दिलाने में उत्तराखंड क्रन्ति दल का साथ दे और 2 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन में भी शामिल होने का आह्वन किया।
यूकेडी महिला नेत्री रमा चौहान ने इस बात के प्रति काफी आक्रोश व्यक्त किया कि मात्र एक शासनादेश के भरोसे सरकार बैठी रही और कमजोर पैरवी के चलते हाईकोर्ट में महिलाओं के अधिकारों को गंवा बैठी। राष्ट्रीय दलों की कोई भी सरकार उत्तराखंड के हितों की रक्षा करने में हमेशा विफल रही है ।
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिवप्रसाद सेमवाल का कहना है कि जब हमारे पड़ोसी राज्यों में सरकारें महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण देती आ रही है तो फिर ऐसे में उत्तराखंड की सरकारों द्वारा पिछले 20 वर्षों में आखिर क्यों कानून नहीं बनाया गया। जिससे उत्तराखंड की जनता को पहाड़ी राज्य का फायदा होता।
यूकेडी के केंद्रीय संगठन महामंत्री मोहन असवाल ने आक्रोश जताया कि उत्तराखंड में कहीं महिलाओं के हाथों से घास छीनी जा रही है तो कहीं नौकरियां, जबकि यह राज्य मातृशक्ति ने अपनी अस्मिता को दांव पर लगाकर बनाया था।
उत्तराखंड क्रांति दल के सुलोचना ईष्टवाल ,उत्तरा पंत बहुगुणा,रमा चौहान ,ऊमा खंडूरी,ऊषा चौहान,मीना थपलियाल, नीलम लखेड़ा,अनीता असवाल, आशा , शकुन्तला कलूड़ा, रिंकी कुकरेती , ‘दीपा राणा, चीनू’ मौर्य,अनिल डोभाल जी,देवेन्द्र रावत ,प्रताप कुँवर,विपिन रावत,ओम प्रकाश,राजेंद्र गुसाई आदि दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।

