विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट आज शीतकाल के लिए होंगे बन्द।
देहरादून– उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध चार धामों में से एक गंगोत्री मंदिर के कपाट आज परंपरा अनुसार अनु कूट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले गंगोत्री मंदिर के रावल पुजारियों द्वारा ब्रह्म मुहूर्त से ही मां गंगा की विभिन्न पूजा एवं अभिषेक मंगल आरती की गई। कपाट बंद होने की प्रक्रिया 10 बजे से प्रारंभ होगी।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव पंडित सुरेश सेमवाल ने बताया कि कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत सर्वप्रथम गंगोत्री मंदिर के गर्भ गृह में मां गंगाजी की मूर्ति से स्वर्ण मुकुट को उतारने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उसके बाद मां गंगा का देश भर से आए श्रद्धालु निर्माण दर्शन कर सकेंगे।
पंडित सुरेश सेमवाल ने बताया की मुहूर्त अनुसार 12:01 पर मां गंगा की चल विग्रह मूर्ति या भोग मूर्तिकहा जाता है तो गर्भ से बाहर निकाल कर मुख्य द्वार बंद कर दिए जाएंगे।
इसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्र व सेना पाइप बैंड के साथ मां गंगा की भूख मूर्ति अपने शीतकालीन पूजा स्थल मुखवा के लिए रवाना होगी।
लगभग 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद आज मां गंगा की भोग मूर्ति अपने पहले पड़ाव देवी मंदिर में विश्राम करेगी तथा भैया दूज के पावन पर्व पर मां गंगा की भोग मूर्ति अपने शीतकालीन पूजा स्थल मुखवा गांव प्रस्थान करेगी।
आगामी छः तक मां गंगा के दर्शन मुखवा स्थित मां गंगा के मंदिर में किए जाएंगे।
इस वर्ष कपाट खुलने से लेकर कपाट बंद तक लगभग ७ लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए 3 मई को मां गंगा के कपाट खोले गए थे।

