जानिए भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक भैया दूज का शुभ मुहूर्त, आप इस दिन मना सकते है।
देहरादून– पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक भैया दूज को भाई टीका, कहा जाता है। इस खास पर्व में बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती है। वहीं भाई बहनों को शगुन के रूप में उपहार देते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन यमदेव अपनी बहन यमुना के बुलावे में उनके घर भोजन करने गए थे। तब से इस पर्व की शुरुआत हुई। इस पर्व को मनाने के पीछे श्रीकृष्ण संबंधी एक और कथा काफी प्रचलित है। इस दिन देवता यमराज की पूजा की जाती है।
इस साल सूर्य ग्रहण के कारण भाई दूज में लोगो को गुमराह हो रहे है, की कब भाई दूज का शुभ मूहर्त है।
इस साल दिवाली का पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इसके बाद 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण है ,इसके बाद गोवर्धन पूजा और फिर 26 अक्टूबर 2022 को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस साल गोवर्धन पूजा के दिन सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है। जिस कारण 25 अक्टूबर के दिन कोई भी शुभ कार्य नही किये जाते।
इस साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 26 अक्टूबर को दोपहर से शुरू हो रही है जो 27 अक्टूबर की दोपहर को समाप्त हो रही है। ऐसे में इस बार 26 और 27 दोनों ही दिन भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। लेकिन 26 अक्टूबर को ज्यादा श्रेष्ठ माना जा रहा है।

