विधानसभा में हुई बैकडोर नियुक्तियों पर महिला प्रकोष्ठ के नेतृत्व में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी का पुतला दहन।
देहरादून–
विधानसभा में कथित पिछले दरवाजे से हुई नियुक्तियों के संबंध में यूकेडी का हल्ला बोल, विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन।
यूकेडी की महिला मोर्चा ने रितु खंडूरी के खिलाफ खोला मोर्चा,विधानसभा अध्यक्ष का फूंका पुतला।
हाकम को जेल और मंत्रियों को बेल का लगाया आरोप।
पूरे मसले की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग।
तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष मौजूदा वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से की इस्तीफे की मांग।
उत्तराखंड में भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर राजधानी देहरादून के विधानसभा के बाहर यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया है इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ता विधानसभा में घुसने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर विधानसभा के बाहर रोक दिया। विधानसभा के सामने ही यूकेडी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पुतला दहन किया यूकेडी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बैक डोर से भर्तियां करते हुए बाहरी राज्य के लोगों को नौकरियां दी जा रही है। यूकेडी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोजिनी इष्टवाल ने कहा कि विधानसभा भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों हाकम को तो जेल भेज दिया गया, लेकिन विधानसभा में भर्ती कराने वाले अध्यक्षों को क्लीन चिट दे दी गई ।
यूकेडी मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि गलत चयन प्रक्रिया से नियुक्त सभी कर्मचारियों के साथ एक जैसी कार्रवाई होनी चाहिए थी लेकिन राज्य गठन से लेकर 2016 तक के कर्मचारियों को कार्यवाही से बचा दिया गया है।
महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष उत्तरा पंत बहुगुणा ने कहा कि रितु खंडूरी ने भी अपने स्टाफ में दिल्ली, पटना और बिहार यूपी के लोगों को नियुक्त किया है, उन्हें उत्तराखंड के लोगों को नियुक्त करना चाहिए था।
केंद्रीय संगठन मंत्री मोहन असवाल ने रितु खंडूरी पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब यशपाल आर्य अपने कार्यकाल की जांच कराने के लिए चुनौती दे चुके हैं तो आखिर रितु खंडूरी को उनके कार्यकाल की जांच कराने में क्या आपत्ति है।
यूकेडी नेता संजय भट्ट ने कहा कि रितु खंडूरी ने दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद अभी तक नियमित हो चुके कार्मिकों के विषय में लीगल राय नहीं मांगी है।
मधु सेमवाल ने कहा कि स्पीकर जानबूझकर मामले को लटका रही हैं, वह आखिर किसको बचाना चाहती है!
विधानसभा पर प्रदर्शन की पूर्व सूचना के चलते एहतियात के तौर पर नेहरू कॉलोनी, रायपुर और क्लिमेंट टाउन के थाना अध्यक्ष भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की गाड़ी के साथ मौके पर पहले से ही डटे हुए थे।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में प्लेकार्ड और यूकेडी के झंडे थामे हुए रितु खंडूरी के पुतले के साथ जमकर नारेबाजी की और पुतले को विधानसभा भवन के सामने आग के हवाले कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान सुलोचना ईष्टवाल, उत्तरा बहुगुणा, संजय भट्ट, मोहन अस्वाल, शिवप्रसाद सेमवाल, मधु सेमवाल, सविता देवी, मीनाक्षी घिल्डियाल, राजेश्वरी रावत, सुशीला पटवाल , ज्योति सजवान, मीना थपलियाल, गीता बिष्ट ,सविता देवी ,मंजू बहुगुणा, अनीता ,अंजू रावत, आशा देवी, नीलम थपलियाल, संगठन सचिव अनिल डोभाल, संगठन सचिव राजेंद्र गुसाईं, केंद्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र बिष्ट, केंद्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय, महानगर अध्यक्ष दीपक रावत आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

