20 लाख रुपये में दी थी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को मारने की सुपारी,आरोपी गिरफ्तार।।
रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर– कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या का षड्यंत्र। चार बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
काबिना मंत्री के प्रतिनिधि उमा शंकर द्विवेदी ने सितारगंज में दर्ज कराया मुकदमा। सितारगंज से ही विधायक हैं सौरभ बहुगुणा।
उमा शंकर द्विवेदी का आरोप है कि कुछ अपराधी जेल से साजिश रचकर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की रेकी कर रहे हैं। आरोप है कि एक मामले से नाराज ये अपराधी तत्व कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या करना चाहते हैं।
कबीना मंत्री की हत्या की साजिश की भनक लगते ही पुलिस, प्रशासन में हड़कंप मच गया।
उमा शंकर द्विवेदी का आरोप है कि हीरा सिंह निवासी कोटाफार्म सिसौना पूर्व में सितारगंज से गेहूं चोरी के मामले में जेल गया था। उक्त व्यक्ति अवैध रूप से खनन का कार्य भी करता है। हीरा सिंह गेहूं चोरी वाले मामले में स्वयं को जेल भिजवाने की वजह उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को दोषी मानता है। इस कारण वह मंत्री से रंजिश रखता है।
उमा शंकर द्विवेदी का कहना है कि हीरा सिंह द्वारा जेल में रहने के दौरान सतनाम सिह निवासी सिरसाफार्म थाना बहेड़ी जो थाना किच्छा से अफीम के मामले मे जेल गया था के साथ मिल कर मंत्री की हत्या करना चाहता है।
उमा शंकर द्विवेदी के मुताबिक आरोपी सतनाम सिंह अपने दोस्त मोहम्मद अजीज उर्फ गुड्डू निवासी किच्छा का नाम लेकर कहता था कि वह बड़ा अपराधी है, उसके सम्बन्ध उत्तर प्रदेश के शूटरों के साथ हैं, वह उनसे बात कर लेगा व काम करा देगा, जब तुम बाहर निकलोगे तो हरभजन सिंह तुम्हें गुड्डू से मिलवा देगा, इस प्रकार हीरा सिंह मंत्री की हत्या करने हेतु षडयंत्र रच रहा था।
सितारगंज से विधायक और धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या को लेकर सुपारी देने की बात सामने आई है। जिसकी भनक लगते ही पुलिस ने कार्यवाही करते हुए चारो आरोपियों को हिरासत में लेने का काम किया है। वहीं देहरादून में मंत्री सौरभ बहुगुणा ने त्वरित कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री धामी और पुलिस का धन्यवाद दिया है। मंत्री सौरभ बहुगुणा का कहना है कि उनकी हत्या को लेकर जो भी लोग पुलिस की गिरफ्त में आए है। उनमें से किसी के भी साथ उनकी कोई दुश्मनी नहीं है। केवल एक व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने विधायक रहते हुए राजस्व प्रशासन से कार्यवाही करवाई थी। लेकिन उससे अलग उनकी किसी से भी कोई बातचीत या दुश्मनी नहीं है।
अवैध खनन का धंधा बंद होने और गेहूं चोरी में जेल जाने पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को जेल में बंद अभियुक्तों को 20 लाख की सुपारी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर एक कार के साथ ही 2 लाख 70 हजार की रकम भी बरामद कर ली है।
आपको बताते कि रविवार को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या की साजिश के आरोप में चार लोगों के खिलाफ सितारगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सौरभ बहुगुणा पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र हैं। इस समय पशुपालन, डेयरी और प्रोटोकॉल विभाग के मंत्री भी हैं। इस मामले में हीरा सिंह, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता, हरभजन सिंह और मोहम्मद अजीज गुड्डू के खिलाफ पुलिस ने सितारगंज बाईपास रोड के रहने वाले उमाशंकर द्विवेदी की ओर से मुकदमा दर्ज किया था। मामला कैबिनेट मंत्री का था तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए हीरा सिंह ने बताया कि सौरव बहुगुणा के चलते उसका अवैध खनन का कारोबार बंद हो गया था तथा सरकारी भूमि से गेहूं काटने के मामले में भी वह जेल चला गया था। उसे शक था कि यह सब कैबिनेट मंत्री सौरभ की वजह से हुआ है। उसी दिन उसने ठान लिया था कि सौरभ बहुगुणा को मारकर व नुकसान पहुंचाकर ही दम लेगा। इसके लिए उसने जेल में बंद सतनाम सिंह सत्ता से बात की। उसने जेल से बाहर आने के बाद हरभजन सिंह के साथ अजीज उर्फ गुड्डू से मिलने को कहा। जमानत पर आने के बाद वह हरभजन व अजीज उर्फ गुड्डू से मिला। 20 लाख रुपए में बात हुई। ₹5,70000 एडवांस दे दिए। बाकी काम होने के बाद देने को कहा गया। इसके बाद वह सौरभ की सभाओं में उनकी गतिविधियों पर नजर रखने लगा और इसकी सूचना गुड्डू को देने लगा। वही गिरफ्तार सतनाम सिंह ने बताया कि हल्द्वानी जेल में उसे हीरा सिंह ने बताया कि सितारगंज में उसका अवैध खनन का काम था और गेहूं चोरी के मामले में जेल में है। उसे शक था कि सौरव की वजह से ही ऐसा हुआ है। उसने कैबिनेट मंत्री को नुकसान पहुंचाने और बदला लेने की बात कही। सतनाम सिंह ने उसे हरभजन सिंह से मिलने को कहा और बताया कि वह तुम्हें अजीज और गुड्डू से मिलवा देगा। पैरोल पर आने के बाद हीरा सिंह, सतनाम सिंह और हरभजन सिंह से मिला। उसने बताया कि उसने काम करने के लिए अजीज और गुड्डू को ₹575000 दिए हैं। अजीज गुड्डू का कहना था कि उसे हरभजन सिंह ने हीरा सिंह से मिलवाया था। काम करवाने के लिए ₹20 लाख देने की बात हुई थी। 5,75000 एडवांस में बाकी काम होने के बाद देने को कहा गया था। इस काम के लिए उसने कुछ लोगों से बात भी की थी। उसने बताया कि दी गई रकम में से ₹300000 उसकी मां के इलाज में खर्च हो गए। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार UK 04 m 86 बरामद करने के साथ ही ₹270000 भी बरामद कर लिए।

