पीएम मोदी ने की केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य की समीक्षा, तीर्थयात्रियों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए कार्य योजना होगी तैयार।
देहरादून– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निमाण कार्यों का बारीकी से मुआयना किया। ड्रोन के जरिए मोदी ने मुख्य मंदिर और नए चबूतरे के निर्माण कार्य को जांचा ओर देखा। इसके अलावा 2013 की आपदा में कहर ढाने वाली मंदाकिनी व सरस्वती नदियों पर बनाई जा रही सुरक्षा दीवारों समेत पुनर्निर्माण कार्यों के साथ केदारपुरी के चप्पे-चप्पे को पीएम मोदी ने देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर परिसर के ठीक सामने दिव्यांगों के लिए अलग पैदल मार्ग बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आपदा से ध्वस्त हुए गरुड़ चट्टी, गौरीकुंड-रामबाड़ा वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के चबूतरे का विस्तार 1500 वर्गमीटर से बढ़ाकर 4125 वर्गमीटर किया गया है। मंदिर तक 50 फीट चौड़ा और 250 मीटर लंबा मार्ग बनाया जा रहा है। इसके दोनों किनारों पर ड्रेन और डक्ट बनाया जाएगा। 24 भागों में बंटे इस मार्ग के 20 पैनल में सतह के कार्य पूरे हो गए हैं। पत्थर काटने, तराशने और बिछाने का कार्य चल रहा है।
सरस्वती नदी पर 470 मीटर लंबी और मंदाकिनी नदी पर 380 मीटर सुरक्षा दीवार बनाने का कार्य भी चल रहा है। मौसम अनुकूल होने पर 73 पुरोहितों के घरों का निर्माण कार्य शुरू होगा।
केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण के कार्यों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण के काम चल रहे हैं उसको किस प्रकार से तेज किया जा सकता है, कहां पर परिवर्तन किए जा सकते हैं इन सब विषयों को लेकर प्रधानमंत्री के साथ बातचीत हुई है उनके जो सुझाव है उन सुझावों पर अमल करने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं और जल्द ही केदारनाथ धाम की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा 2023 तक केदारनाथ धाम में पुनर्निमाण के सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे उसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।

