LIC बिल्डिंग आज होगी जमींदोज, देहरादून की शान ‘कनॉट प्लेस’ बन जाएगा इतिहास।
देहरादून– एलआईसी बिल्डिंग खाली करने की कार्रवाई आज
एलआईसी बिल्डिंग में कोर्ट ने जितना हिस्सा खाली कराने का आदेश दिया है, उसमें आज कार्रवाई की जाएगी।
सुबह 11:00 बजे शुरू होगी कार्रवाई
लंबे समय से इसे खाली कराए जाने की कवायद एलआईसी कर रहा है। एलआईसी बिल्डिंग जर्जर भवन श्रेणी में है।
पहले चरण में 14 संपत्तियां (आवास और दुकानें) खाली कराई जानी हैं।
इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट से आदेश हुआ है।
बीते दिनों 21 सितंबर की तिथि तय की गई थी।

देहरादून के चकराता रोड पर कनॉट प्लेस स्थित एलआईसी बिल्डिंग को खाली कराने के नोटिस के बाद हड़कंप की स्थिति है। एलआईसी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बिल्डिंग को खाली कराने की मदद मांगी थी। जिसको लेकर आज बिल्डिंग को गिराने की कार्यवाही की जाएगी।
देहरादून के चकराता रोड पर कनॉट प्लेस स्थित एलआईसी बिल्डिंग को खाली कराने के नोटिस के बाद हड़कंप की स्थिति है। एलआईसी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बिल्डिंग को खाली कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की मदद मांगी थी। पहले चरण में 14 संपत्तियां (आवास और दुकानें) खाली कराई जानी हैं।
पिछले दिनों से एलआईसी के अधिकारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस के अफसरों से मुलाकात की। इसमें प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। इसके बाद जिला प्रशासन ने एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। वहीं पुलिस ने पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इधर, एलआईसी ने बिल्डिंग में नोटिस चस्पा कर दिए। इसका दुकानदार विरोध कर रहे हैं।
एसपी सिटी सरिता डोबाल का कहना है कि एलआईसी के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट से एक आदेश आया है। इसको एलआईसी ने जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराया है। प्रशासन ने पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने के लिए कहा है। फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी। उधर, सीओ सिटी नरेंद्र पंत ने बताया कि प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। प्रथम चरण में 14 प्रॉपर्टी खाली कराई जानी हैं।दुकानें और आवास खाली कराने के नोटिस के बाद से लोगों में बैचेनी है। उनके कारोबार यहां पर है और परिवार का गुजारा चलता है। कुछ परिवार ऐसे हैं, जो पाक से यहां आए। आर्मी ट्रेडिंग के नाम से दुकान चलाने वाले अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कहा कि यहां पर 150 दुकान और फ्लैट हैं। गिरासु भवन की गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। कुछ हिस्सों के जर्जर होने का मामला था।
उसे पूरी बिल्डिंग से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। सैलून संचालक इलियास अहमद ने बताया कि उन्हें यहां करीब 60 साल हो गए हैं। किराया कोर्ट में जमा किया जा रहा है। कोर्ट का फैसला एक संपत्ति को लेकर है, लेकिन वह पूरी बिल्डिंग को खाली कराना चाहते हैं। कार्रवाई का विरोध सभी दुकानदार करेंगे। बंटवारे के समय पाकिस्तान से आए भीमसेन विरमानी, ओर भी कई बुजुर्ग यहां कारोबार कर जीवन यापन कर रहे हैं।

