उत्तराखंड में घोटाले की आंच से सरकारी भर्तियां नहीं रुकेगी।

उत्तराखंड में घोटाले की आंच से सरकारी भर्तियां नहीं रुकेगी।
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देहरादून– उत्तराखंड की धामी सरकार सरकारी भर्तियां की धांधली में फंसे अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से सरकारी भर्तियों को छीनने की तैयारी कर चुकी है,9 सितंबर को धामी सरकार की कैबिनेट बैठक हैं, और इस बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया जाना तय माना जा रहा है।

इस समय उत्तराखंड में विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 12 हजार पद रिक्त है, जिन पर भर्ती होनी है,

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक कांड की जांच में फंसा हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि यूकेएसएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा है कि जो भी अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार उनके साथ में खड़ी है।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में यूकेएसएससी द्वारा कराई जा रही परीक्षा को अब लोक सेवा आयोग द्वारा कराया जाएगा, जिस का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा मामला साफ है कि सरकार उत्तराखंड के युवाओं के रोजगार देने के मामले में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाह रही है।

जहां एक तरफ सरकार द्वारा यूके एसएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ लगातार सरकार द्वारा कार्यवाही की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस द्वारा सरकार को भी घेरने का काम किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि सरकार द्वारा परीक्षाओं को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई जा रही है और सरकार यूके एसएससी के मामले में बैकफुट पर आ गई है मामला साफ है जहां एक तरफ सरकार युवाओं के रोजगार को लेकर लगातार ठोस रणनीति बनाती हुई नजर आ रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार को घेरने में भी कोई कोर कसर बाकी नहीं लगा रही है।

खाली पद और अन्य भर्ती परीक्षाएं उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और अन्य संस्थाओं के जरिए कराने की तैयारी सरकार ने पूरी कर ली है, इसको लेकर प्रस्ताव तैयार हो गया है, जिसे 9 सितंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा, मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा है कि जो भर्ती परीक्षाएं होने वाली हैं उनमें भी देरी नहीं होने दी जाएगी, अभी करीब 12 हजार पद खाली हैं और 7 हजार पदों पर भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए होनी थी।

इस तरह से यह साफ हो जाता है कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में घपले के बाद सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरियों में खाली पदों को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के जरिए भरने की तैयारी कर चुकी है।

कौन कौन सी भर्ती अभी लंबित हैं-

पुलिस कांस्टेबल, दारोगा, फॉरेस्ट गार्ड और राजस्व उपनिरीक्षक भर्ती के प्रस्ताव पेपर लीक कांड के कारण लंबित हो गए हैं,

इसी तरह से कई उत्तराखंड लोकसेवा आयोग की भी विभिन्न विभागों से संबंधित परीक्षाएं लंबित चल रही हैं, इनकी प्रक्रिया भी धामी सरकार शीघ्र ही शुरू करने की तैयारी कर चुकी है।

सरकार के लिए इन परीक्षाओं को जल्द शुरू करना जरूरी हो गया है, क्योंकि उत्तराखंड में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। वही इसको लेकर उत्तराखंड में परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को सरकार के फैसले का इंतजार है युवाओं का कहना है कि सरकार द्वारा लिया जा रहा हर निर्णय सराहनीय है और सरकार युवाओं के हित में फैसला करेगी।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कह चुके हैं कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, करप्शन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार एक ऐसी नजीर पेश करेगी ताकि भविष्य में भी सरकारी नौकरियों को बेचने की कोई हिम्मत ना कर सके।

Rupesh Negi

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