कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार पकड़ा गया गुलदार, ग्रामीणो में था दहशत का माहौल।
देहरादून- रुड़की के कलियर क्षेत्र के जस्वावाला गाँव में लंबे समय से दहशत का पर्याय बने आखिरकार गुलदार को वन विभाग के पिंजरे में कैद कर लिया गया।जिसे वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसको रेस्क्यू सेंटर चिड़ियापुर के जंगल मे छोड़ दिया है।
गौरतलब है कि जस्वावाला गांव के जंगल मे गुलदार के आतक से ग्रामीण बेहद दहशत में थे जिसकी सूचना उन्होंने वन विभाग रेंजर मयंक गर्ग को दी थी । गाँव मे पशुशाला और खेतो में गुलदार देखा जा रहा है जिससे बाहर से गाँव मे आने का खतरा बना हुआ था गुलदार की आमद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।वन रेंजर मयंक गर्ग ने ग्रामीणों की सूचना पर सज्ञान लेकर तीन जनवरी को उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद जस्वावाला गाँव मे धनौरी रेज में एक पिंजरा लगाया था जिसमे वन अधिकारियों ने एक मुर्गे को रक्खा था लेकिन चालाक गुलदार पिंजरे में कैद नही हो रहा था।शनिवार देर रात को वह मुर्गे को अपना निवाला बनाने के चक्कर में खुद ही कैद हो गया जिसको सुबह होने पर ग्रामीणों ने गुलदार को पिंजरे में कैद देखकर शोर मचा दिया।मामले की जानकारी होने पर ग्रामीणों की मौके पर भारी भीड़ जमा हो जाने से वहाँ पर अफरी तफरी का माहौल बन गया ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना कलियर थाना पुलिस को दी।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुये मौके पर जाकर वन विभाग की टीम को बुलाया उसके बाद गुलदार को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया।घण्टो मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया।उसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।वन विभाग की टीम ने गुलदार को पिंजरे में कैद कर अपने साथ रेस्क्यू सेंटर चिड़ियापुर ले गई है।


