जल और प्रदूषण का संकट दुनिया में एक बड़ी चुनौती- पदम भूषण
उत्तराखंड-देहरादून- जल और प्राणवायु का संकट दिन प्रतिदिन पूरी दुनिया में एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है हाईफीड संस्थान द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए पद्म भूषण डा० अनिल जोशी ने प्रशिक्षणार्थियों से अहवाहन किया कि युवा पीढ़ी को जल के महत्व तथा उसके सदुपयोग हेतु आमजन को जागरूक करना होगा । डा० जोशी ने कहा कि पानी की उपलब्धता ने ही गांवों की परिकल्पना स्थापित की है । दुनिया की सारी सभ्यता संस्कृति का निर्माण जल धाराओं के इर्द गिर्द ही स्थापित हुई है। लेकिन आज स्थितियां उलट हो गई है | शहरों की बढ़ती आबादी ने पानी की खपत बढ़ा दी हैं | नदियों को जोड़ने, नहरों के निर्माण कर पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है |
डा० जोशी ने कहा कि गांव के लोग पानी के महत्व को समझते भी हैं और पानी को बचाने व उसके संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं। लेकिन सबसे कम पानी ग्रामीणों को ही मिल रहा है। शहरों में पानी के प्रति असंवेदनशीलता, पानी के दुरुपयोग से भूजल का स्तर लगातार नीचे की ओर जा रहा है। इससे प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है। डा० जोशी ने कहा कि विज्ञान ने संसाधन भी दिये हैं, कई खोजें की है लेकिन संरक्षण के सवाल पर बहुत ज्यादा काम नहीं हो पाया है। इस हेतु लोक और विज्ञान के बीच उचित समन्वयन की जरूरत आ पड़ी है। इसीलिए जल जीवन मिशन जैसे कार्यक्रमों की आवश्यकता महसूस हुई। डॉ० जोशी ने कहा कि यह देशव्यापी ऐसी योजना है, जो आमजन को शुद्ध पेयजल तो उपलब्ध करवायेगा ही साथ ही लोगों में जल संरक्षण, संवर्धन व जल के उचित सदुपयोग हेतु आमजन को जागरूक करेगा।
इस अवसर पर हाईफीड संस्थान के निदेशक डा० कमल बहुगुणा ने डॉ० जोशी का स्वागत करते हुए कहा कि देश व दुनिया में जल प्रबन्धन, जल के सदुपयोग व जल के प्रति जनचेतना बढ़ाने में पद्म भूषण डा० अनिल जोशी का विश्व व्यापी योगदान रहा है।
जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी मिशन परियोजना जिसे जल जीवन मिशन के नाम से जाना जाता है, के अन्तर्गत उत्तराखण्ड जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्यों का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम होटल मधुबन, देहरादून में चलाया जा रहा है | इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कालसी विकाससखंड के 67 ग्रामप्रधानों तथा ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्यों द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है ।
इस अवसर पर कार्यशाला के आयोजक भारत सरकार द्वारा मुख्य संसधान केंद्र (के०आर०सी०) के रूप में नामित संस्थान हाईफ़ीड के निदेशक डा० कमल बहुगुणा ने अपने प्रस्तुतीकरण में पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किये गये प्रयासों, अनुभवों व वर्तमान परिदृश्य को सभी प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया । डॉ ० बहुगुणा ने बताया कि अभी तक के०आर०सी० हाईफ़ीड द्वारा देहरादून, टिहरी व उत्तरकाशी जनपदो के 12 विकासखण्डों में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के वित्तीय सहयोग से 62 प्रशिक्षण बैचो का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें अभी तक 1541 ग्रामप्रधानों तथा ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

आज के प्रशिक्षण में जल गुणवत्ता प्रवन्धन, स्रोतों का पुर्नजीवन, ग्राम विकास कार्य योजना निर्माण, सूचना, शिक्षा व संचार आदि सत्रों का संचालन सफलता पूर्वक सम्पन्न किया गया । आज के सत्र में श्री भरत पटवाल, आशुतोष त्रिपुरारी सिंह, देवराज भट्ट, अनिल पैनुली, जयप्रकाशपवार, पंकज रायल, मनीष वर्मा, सुरेन्द्र, बृजमोहन, एस० एस० परमार ने सुलभकर्ता की भूमिका निभाई।

