टिहरी में पुलिस वाटर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का आगाज, सीएम धामी बोले-खेलों से बढ़ेगा पर्यटन और युवा सशक्तिकरण।
देहरादून/टिहरी गढ़वाल– मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना उत्तराखंड की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। उन्होंने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देते हैं और राज्य को एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 19 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें 440 से अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। ये प्रतिभागी कैनोइंग, रोइंग और कयाकिंग जैसी जल क्रीड़ाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां न केवल फिटनेस को बढ़ाती हैं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वाटर स्पोर्ट्स का महत्व सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी इनकी उपयोगिता साबित होती है। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों से देश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिली है और युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी खेलों को प्रोत्साहन देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में राज्य ने 38वें राष्ट्रीय खेल का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिससे उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस तरह के राष्ट्रीय आयोजन राज्य के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

