बद्रीनाथ मास्टर प्लान पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने उठाए तैयारियों पर सवाल।
देहरादून– उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के देहरादून स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बद्रीनाथ से विधायक लखपत सिंह बुटोला ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यात्रा शुरू होनी है, लेकिन जमीनी हालात इसके लिए तैयार नहीं दिख रहे।
बुटोला ने बताया कि हाल ही में बद्रीनाथ धाम के दौरे के दौरान उन्होंने देखा कि यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में चल रहे बद्रीनाथ मास्टर प्लान की निगरानी सीधे पीएमओ स्तर से होने के बावजूद कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही हैं।
विधायक ने दावा किया कि निर्माण कार्यों के चलते अलकनंदा नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। उनके अनुसार, नदी को ब्रह्मकपाल और तप्त कुंड की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे इन धार्मिक स्थलों और मंदिर परिसर की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि करीब डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में नदी की चौड़ाई कम होने से भविष्य में गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
बुटोला ने कहा कि मंदिर क्षेत्र के आसपास किए गए ध्वस्तीकरण के बावजूद सौंदर्यीकरण कार्य अधूरा है। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बनाए जा रहे मार्ग अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। साथ ही, देव डोली के पारंपरिक रास्ते का निर्माण भी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने पंचधाराएं के संरक्षण पर भी चिंता जताई और कहा कि इनके प्राकृतिक स्रोतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा से जुड़ी अहम बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया जा रहा, जिससे जमीनी स्तर की समस्याएं प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रहीं।
सरकार के सामने रखीं मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान बुटोला ने सरकार के समक्ष कई सुझाव और मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तय करने की व्यवस्था समाप्त की जाए। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को लगातार खुला रखा जाए और ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी दी जाए। इसके अलावा वाहन चालकों को ग्रीन कार्ड की अवधि बढ़ाकर कम से कम छह महीने करने, यात्रा मार्ग पर अनावश्यक बैरिकेडिंग हटाने और मास्टर प्लान समिति में स्थानीय लोगों को शामिल करने की मांग की गई।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि यात्रा मार्ग पर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के लिए रसोई गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कांग्रेस ने चारधाम यात्रा से पहले बद्रीनाथ क्षेत्र की तैयारियों और मास्टर प्लान की प्रगति पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

