निजी स्कूलों की मनमानी फीस से अभिभावक परेशान, सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल, महिला कांग्रेस ने किया उग्र प्रदर्शन।
देहरादून– निजी स्कूलों की लगातार बढ़ती फीस और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभिभावकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को राजधानी देहरादून में इसका बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जब उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सैकड़ों महिला कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के आवास का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी उग्र नजर आया। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “फीस वृद्धि पर रोक लगाओ”, “शिक्षा माफिया पर कार्रवाई करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि निजी स्कूलों द्वारा हर साल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई जा रही है, जिससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इस मौके पर ज्योति रौतेला ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी पर कोई नियंत्रण नहीं है और अभिभावक लुटने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, कई परिवार ऐसे हैं जिनके लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना अब बेहद कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है।
रौतेला ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इसके पीछे कमीशनखोरी का बड़ा खेल चल रहा है, जिसमें स्कूल प्रबंधन और कुछ दुकानदारों की मिलीभगत शामिल है। इसका सीधा असर अभिभावकों की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें महंगे दामों पर सामान खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण लगाया जाए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह संकट और गहरा सकता है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में व्यापक रूप दिया जाएगा। ज्योति रौतेला ने कहा कि महिला कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के अभिभावकों से भी इस मुहिम में जुड़ने की अपील की और कहा कि जब तक लोग एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं हैप्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि अब अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता बन चुकी है।
हर साल बढ़ती फीस से खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना कई घरों के बजट को बिगाड़ रहा है। वहीं, कई स्कूल अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे कमीशनखोरी की आशंका भी बढ़ती है। इस पूरे मामले में सरकार की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और अभिभावकों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

