राज्य आंदोलनकारियों ने किया यमुना कॉलोनी स्थित विधानसभा अध्यक्ष के आवास का घेराव, अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी।
देहरादून– राजधानी देहरादून में आज मंगलवार को राज्य आंदोलनकारियों ने यमुना कॉलोनी स्थित विधानसभा अध्यक्ष के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
देहरादून में एक बार फिर अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सियासत और जनाक्रोश तेज होता नजर आया। राज्य आंदोलनकारियों, खासतौर पर महिला कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर विधानसभा अध्यक्ष के यमुना कॉलोनी स्थित आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मामले में तेजी से न्यायिक कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों का कहना था कि राज्य की बेटी अंकिता भंडारी को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका आरोप था कि सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि इस गंभीर मामले को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज करेंगे, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।
महिला आंदोलनकारियों ने इस मुद्दे पर विशेष रूप से आक्रोश जताया। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक लड़की के न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाए और मामले की सुनवाई में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह घेराव सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में बड़े स्तर पर जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशभर के लोगों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील भी की।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी मौके पर की गई थी, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन आंदोलनकारियों के तेवर साफ तौर पर सरकार के लिए चेतावनी माने जा रहे हैं।
कमला पंत ने कहा कि “अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और उसके प्रतिनिधि इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जब तक हमारी बेटी को न्याय नहीं मिलता, हम इसी तरह सड़कों पर उतरकर घेराव और प्रदर्शन करते रहेंगे।”

