नैनीताल में जिला न्यायालय के बाद उच्च न्यायालय को भी बम धमकी, सुरक्षा कड़ी, जांच जारी।
देहरादून/नैनीताल– नैनीताल में न्यायालयों को बम से उड़ाने के धमकी भरे संदेशों का सिलसिला जारी है। जिला न्यायालय के बाद आज गुरुवार 19 फरवरी को नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय को भी संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें न्यायालय परिसर में बम होने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही मुख्य न्यायाधीश ने स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है तथा सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है।
ईमेल प्राप्त होते ही उच्च न्यायालय परिसर को एहतियातन खाली कराया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड ने न्यायालय भवन के कक्षों, न्यायाधीश कक्ष, गलियारों तथा वाहन स्थलों की सघन जांच की। सुरक्षा कारणों से बिना वैध परिचय पत्र किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। अधिवक्ताओं तथा वादकारियों को भी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। न्यायालय का कार्य प्रातः 11 बजकर 30 मिनट से आरंभ हुआ, किन्तु सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने बताया कि न्यायालय को खाली करा दिया गया है। न्यायिक कार्रवाई पूरी तरह से बाधित है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं। जबकि जिला न्यायालय में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 4 दिनों से न्यायिक कार्य 80 प्रतिशत तक बाधित हुए हैं। दूर-दराज से आ रहे वादकारियों, गवाहों को इससे अत्यधिक परेशानी हो रही है। उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। पुलिस को जल्द से जल्द इसका पटाक्षेप करना चाहिए।
इस बीच जिला बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रूवाली ने जिला न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्यायालय परिसर में ठोस सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि लगातार मिल रही धमकियों से अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और वादकारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है, इसलिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और संयम बनाए रखने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि 16 और 17 फरवरी को जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल को भी आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए थे। दो दिन तक चले तलाशी अभियान में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। तल्लीताल थाना पुलिस ने इस संबंध में दो अभियोग पंजीकृत किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टीसी ने बताया कि सूचना लगभग 11 बजे प्राप्त हुई, जिसके बाद त्वरित सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं तथा साइबर प्रकोष्ठ ईमेल स्रोत की जांच कर रहा है।


