केंद्रीय बजट 2026–27 विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम।
देहरादून– राजधानी देहरादून में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026–27 को विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को साकार करने वाला दूरदर्शी बजट बताया है। बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट देश की आत्मा, आत्मविश्वास और विकासशील सोच को नई मजबूती देता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय में की गई बढ़ोतरी से दीर्घकालिक विकास की ठोस नींव रखी गई है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने के साथ-साथ देश की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक संप्रभुता को भी सुदृढ़ करता है।
उन्होंने बताया कि बजट के तीन प्रमुख स्तंभ—संतुलित एवं समावेशी विकास, वंचित वर्गों का क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास—के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों, गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, बच्चों और वंचित वर्गों के समग्र उत्थान का स्पष्ट रोडमैप सामने आता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को विशेष लाभ मिलेगा। प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावास की व्यवस्था से महिला सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को बल मिलेगा। ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और विश्वास आधारित शासन से निवेश, रोजगार और जनभागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के लिए किए गए नीतिगत प्रावधानों से उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आयुष, फार्मा, हथकरघा, खादी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस से पर्वतीय और वन संपदा से समृद्ध उत्तराखंड में ग्रीन इकोनॉमी को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राज्य के हितों का ध्यान रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को समय-समय पर भेजे गए प्रस्तावों और सुझावों को बजट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किया गया है, जो राज्य और केंद्र के बीच सहयोगात्मक संघवाद को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखंड को रोजगार, निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना के क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा और राज्य के समावेशी, संतुलित और सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर बनेगा।


