उत्तराखंड के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने की कांग्रेस मुख्यालय में तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रेसवार्ता।
देहरादून–
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान धामी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण और भाजपा के अंदरूनी हालात को लेकर सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रेसवार्ता की गोदियाल ने धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार और मुख्यमंत्री शुरू से ही जांच को भटकाने का काम कर रहे हैं। सीबीआई जांच की घोषणा के बाद भी अब तक यह साफ नहीं किया गया कि केंद्र सरकार को भेजे गए प्रतिवेदन में क्या लिखा गया है और वह वास्तव में भेजा भी गया है या नहीं। उन्होंने मांग की कि यह प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी दोबारा आंदोलन शुरू करेगी।
नंबर 2 सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण है उसे आत्महत्या प्रकरण में पुलिस के महानिदेशक से जब कांग्रेस का प्रतिनिधित्व मंडल मिला था तो हमने कहा था कि छोटे अधिकारियों और कर्मियों को दोषी मानकर कार्रवाई कर रहे हैं लेकिन बड़े अधिकारियों पर क्यों नहीं कार्रवाई की जा रही है मृतक ने जिन लोगों के नाम अपने स्टैटमैंट मे लिए थे गोदियाल ने कहा इस प्रकार के जो लोग हैं जो इस आत्महत्या कांड में नामित हुए हैं उनकी जगह जिलों में न होकर पुलिस हैडक्वाटर उन्हें अटैच किया जाना चाहिए था।
नंबर 3 भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक को सरकार ने जमीन पर कब्जा करने के एवज़ में नोटिस दिया है यह बहुत गंभीर प्रकरण है यह प्रकरण सामने आया है कि भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता लोग जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा के अध्यक्ष एमपी सब कल एक हेलीकॉप्टर में चाय पीने जाने वाले थे और अंतिम चरणों में उन्हें रोक लिया गया मैं पूछना चाहता हूं प्रदेश की सरकार से की क्या भारतीय जनता पार्टी के तथा कथित बड़े लोग इस प्रकार से जमीनों को कब्जा करने में लगे हुए हैं और अगर ऐसी स्थिति है तो वहां आपके लोग क्या मनाने जा रहे थे और अगर नहीं गए तो उसके पीछे आपके अंदर की खिचड़ियां क्या-क्या पक रही है प्रदेश की जनता यह भी जानना चाहती है।
काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर भी गोदियाल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों के बावजूद संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रेस वार्ता में गोदियाल ने यह भी कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की घोषणा पेपर लीक मामलों की तरह अधूरी साबित हो रही है। दोनों ही मामलों में अब तक सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से ही मामले में लीपापोती की जा रही है।
भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा खुद गुटबाज़ी से जूझ रही है, लेकिन कांग्रेस पर आरोप लगाकर ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अरविंद पांडेय प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेता पहले वहां जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक पूरा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा विधायक को जमीन कब्जे के मामले में नोटिस दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में पार्टी के वरिष्ठ नेता मौके पर जाने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा के लोग जमीन कब्जाने में शामिल नहीं हैं तो फिर वहां जाने से पीछे क्यों हटे।
प्रेस वार्ता के अंत में गणेश गोदियाल ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी और सुखवंत सिंह मामलों में जल्द कार्रवाई नहीं हुई और सच्चाई जनता के सामने नहीं लाई गई, तो कांग्रेस पार्टी फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को किसी भी कीमत पर दबने नहीं देगी।

