प्रदेशभर में अभियंताओं का विरोध, आंदोलन की दी चेतावनी।
देहरादून– लोक निर्माण विभाग श्रीनगर के अधिशासी अभियंता पर जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने पर उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन ने विरोध किया। फेडरेशन से जुड़े प्रदेश भर के अभियंताओं ने अपनी-अपनी जगहों पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया। अभियंताओं ने अपने अपने जनपदों में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
फेडेरश्न ने मांग की है कि जिलाधिकारी पौड़ी की ओर से अधिशासी अभियंता पर की गई प्राथमिकी तत्काल निरस्त की जाए। जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा की गई उक्त कार्रवाई से न केवल लोक निर्माण विभाग बल्कि उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी तकनीकी विभागों के अभियंता आक्रोशित हैं।
आपदा से निपटने के लिए विभिन्न अभियांत्रिकी वर्ग के कार्मिक अपनी जान की बाजी लगाकर काम कर रहे हैं। उनके इस कृत्य से राज्य के आपदा सम्बन्धी कार्य विपरीत रूप से प्रभावित हो सकते हैं। जिलाधिकारी के अविवेकपूर्ण आदेश के कारण हड़ताल कार्य बहिष्कार जैसी स्थिति उत्पन्न होने से आपदा राहत कार्य प्रभावित होते हैं तो आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल के विरुद्ध मुकदमा दायर किया जाए। फेडरेशन ने कहा कि जिलाधिकारी का पद एक अत्यन्त संवेदनशील एवं जिम्मेदारी युक्त पद है। भविष्य में इस पर केवल ऐसे अधिकारी नियुक्त किए जाए जो अधिकारियों के मध्य समन्वय बनाकर आपदा जैसी स्थितियों में कुशलतापूर्वक कार्य कर सके।

प्रदेश के अभियंता वर्ग द्वारा चेतावनी दी गयी कि 16 सितम्बर तक निम्न मांगे पूर्ण नहीं हुई तो 17 सितम्बर से बैठक कर अग्रिम आंदोलन पर निर्णय लिया जायेगा।

