प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कुप्रबंधन व वोट चोरी के खिलाफ, कांग्रेस कार्यकर्ता ने प्रदेश मुख्यालय से राजभवन किया कूच।
देहरादून– विधानसभा के मानसून सत्र में जहां कांग्रेस ने सदन के भीतर सरकार को घेरा… वहीं अब कांग्रेस सड़कों पर भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है कानून-व्यवस्था से लेकर आपदा और पंचायत चुनाव तक कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आज देहरादून में राजभवन कूच किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार पर जमकर निशाना साधा, कांग्रेस का कहना है कि जब सदन के भीतर उनकी बात नहीं सुनी गई तो मजबूरी में उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। कांग्रेस ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन में लापरवाही, पंचायत चुनाव में गड़बड़ी और हाल ही में सामने आए अपहरण के मामलों को लेकर अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
कांग्रेस लगातार कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बना रही है और आने वाले समय में इसे लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी कर रही है।
2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है पिछले कुछ समय से सुस्त पड़ी कांग्रेस ने भाजपा और सरकार के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाना शुरू कर दिया है , यानी विधानसभा से लेकर सड़क तक… कांग्रेस ने सरकार को घेरने का मोर्चा खोल दिया है। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों का क्या जवाब देती है।
उत्तराखंड में ध्वस्त पड़ी कानून व्यवस्था प्रदेश के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में आई आपदा में सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन तथा भाजपा के साथ मिल कर चुनाव आयोग द्वारा की जा रही वोट चोरी के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के आह्वाहन पर कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करने को सेकड़ो कार्यकर्ता निकले जंहा उनको हथिबडकला में पुलिस बेरीकेडिक लगा कर रोक लिया।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने आरोप लगाया की प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है और भाजपा के संरक्षण में प्रदेश में अपराधिक तत्व भाजपाई बन कर जनता पर जुल्मों सितम ढा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि महिलाओं पर घटित हर दूसरे अपराध में भाजपा नेता शामिल हैं। अंकिता भंडारी से लेकर हरिद्वार की 13 साल की मासूम जिसको उसकी सगी मां ने अपने पुरुष व्यभिचारी मित्रों को सौंप दिया दुष्कर्म करने के लिए सभी मामलों में भाजपा नेता शामिल हैं। कहा कि हत्या बलात्कार व पोस्को के मामलों में भाजपा के पदाधिकारी लगातार फंस रहे हैं और भाजपा मात्र दो लाइन का निष्काषन कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती है। दो दिन पूर्व पौड़ी के जितेंद्र नेगी आत्महत्या कांड में जिस हिमांशु चमोली का नाम आया उसके काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त है और अब तो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के भांजे ने भी अपने साथ हुई 18 करोड़ रुपए की ठगी में उनके साथ ठगी करने वालों को पुलिस द्वारा उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की जगह उनकी आवभगत का आरोप लगा कर प्रदेश के कानून व्यवस्था का हाल बयां कर दिया है और प्रदेश के दूसरे पूर्व मुख्य मंत्री व हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को ऐसे ही मामले में पत्र दें कर साफ कर दिया हैं, इसके अलावा पंचायत चुनावों में जिस तरह से सत्ताधारी दल के लोगों ने नैनीताल बेतालघाट आदि स्थानों पर पुलिस के सामने खुले आम हथियारों का प्रदर्शन कर अपहरण किए व गोलीबारी की उससे यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा उत्तराखंड को बिहार व उत्तरप्रदेश के रास्ते में ले जा रही है।
आज पूरा उत्तराखंड आपदा ग्रस्त है और आपदा प्रबंधन के नाम पर केवल मीडिया प्रबंधन नजर आ रहा है और जमीन पर कोई कम होता दिखाई नहीं दे रहा। उत्तरकाशी में धराली हरसिल में आपदा से हुए बर्बादी और जन हानि पर आज तक सरकार ने सही आंकड़ा जारी नहीं किया और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जीवन यापन के आवश्यक सामान और दवाएं भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही। आज चारों धामों के यात्रा रूट , राष्ट्रीय राज मार्ग, राज्य राज मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं और सैकड़ों संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए हैं लेकिन इनको ढर्रे पर लाने पर जिस तरह से युद्ध स्तर पर काम होना चाहिए था वो नहीं हो पा रहा है। कुल मिलाकर राज्य सरकार आपदा प्रबंधन में पूरी तरह फेल साबित हो रही है जिसका परिणाम आज मुख्यमंत्री को आपदा ग्रस्त थराली चमोली में जन आक्रोश के रूप में देखने को मिला।


