चार धाम के पौराणिक रास्तों की खोज पर निकला 20 सदस्यीय ट्रैक हिमालया ट्रेकिंग दल

चार धाम के पौराणिक रास्तों की खोज पर निकला 20 सदस्यीय ट्रैक हिमालया ट्रेकिंग दल
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पौराणिक रास्तों की खोज पर निकला 20 सदस्यीय ट्रैक हिमालया ट्रेकिंग दल
त्रियुगीनारायण, सोनप्रयाग व गौरीकुण्ड में किया गया दल का जोरदार स्वागत
गौरीकुण्ड में मां गौरी की पूजा-अर्चना के बाद दल केदारनाथ के लिए हुआ रवाना
उत्तराखंड रुद्रप्रयाग देवभूमि में कई ऐसे पौराणिक यात्रा मार्ग हैं, जिनको पुनर्जीवित करने के साथ ही उनका संरक्षण किया जाना जरूरी है। इन यात्रा मार्गो के जरिये पूर्व में लोग चारधामों की यात्रा किया करते थे। शासन-प्रशासन अब इन यात्रा मार्गो के संरक्षण को लेकर कार्यवाही कर रहा रहा है।
बता दें कि करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री चारधामों में हर वर्ष देश-विदेश से तीर्थयात्री पहुंचते हैं। इनमें कुछ लोग वाहन के जरिये धामों को पहुंचते हैं, जबकि कई श्रद्धालु पैदल ट्रेकिंग करना पसंद करते हैं। इसके साथ ही मानसून सीजन में पहाड़ी दरकने के कारण सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं, जिस कारण लोग समय से यात्रा नहीं कर पाते हैं। साथ ही आपदाएं भी पहाड़ों में ज्यादा आती हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन की ओर से पौराणिक यात्रा मार्गो की तलाश की जा रही है और उन्हें पुनर्जीवित करने को लेकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अवस्थित चारों धामों के दर्शन को प्रयुक्त होने वाले परंपरागत पौराणिक यात्रा मार्गों के सर्वेक्षण एवं पुनर्जीवित करने को लेकर पर्यटन विभाग के तत्वावधान में द ट्रैक हिमालय का 20 सदस्यों का दल 50 दिनों के भीतर चारों धामों के अन्तर्गत 1250 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। यह दल ऋषिकेश से पैदल रवाना होकर गंगोत्री से होते हुए पंवालीकांठा-त्रियुगीनारायण पहुंचा। इसके बाद ट्रेकिंग दल के सोनप्रयाग पहुंचने पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। दल गौरीकुंड में मां गौरी माई के मंदिर पहुंचा, जहां पर पर्यटन अधिकारी एवं दल के सदस्यों ने मंदिर में पूजा अर्चना कर केदारनाथ को प्रस्थान किया। जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि पारम्परिक मार्गो के सर्वेक्षण और पुनर्जीवित करने को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से 20 सदस्यीय दल को तैयार किया गया है। दल की ओर से गंगोत्री और यमुनोत्री के पौराणिक रूटों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। अब दल केदारनाथ के पौराणिक रूटों का सर्वेक्षण करेगा।

Rupesh Negi

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