धराली-हर्षिल आपदा क्षेत्र में SDRF का सघन राहत एवं खोज अभियान, राहत एजेंसियों के साथ समन्वय कर व्यापक एवं सुव्यवस्थित सर्चिंग अभियान संचालित किया, एनडीएमए के स्तर पर हरसंभव मदद का दिया आश्वासन।
देहरादून– मुख्यमंत्री धामी के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों की गति को और तेज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं आपदा स्थल पर पहुँचकर राहत एवं रेस्क्यू कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया।
पुलिस महानिरीक्षक, SDRF द्वारा घटनास्थल में चल रहे रेस्क्यू अभियानों के संबंध में पुलिस महानिदेशक महोदय को अवगत कराया, जिसके उपरांत DGP द्वारा रेस्क्यू कार्यों में लगी सभी बचाव एजेंसियों का मनोबल बढ़ाया एवं आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए।
SDRF द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों जैसे विक्टिम लोकेटिंग कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा इत्यादि आधुनिक उपकरणों के साथ मलबे से क्षतिग्रस्त भवनों में गहन खोजबीन की जा रही है, वहीं SDRF की डॉग स्क्वाड टीम भी मलबे में दबी जिंदगी के लिए सर्चिंग में जुटी हुई है। साथ ही SDRF टीम गंगनानी में टूटे हुए पुल के पुनःनिर्माण हेतु PWD एवं BRO के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है, ताकि यातायात व आपूर्ति मार्ग शीघ्र बहाल किए जा सकें।
07 अगस्त की रात्रि को हर्षिल में SDRF द्वारा कम्युनिटी किचन स्थापित कर आपदा प्रभावित 220 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। इसके अतिरिक्त, आपदा राहत सामग्री को प्रभावित ग्रामीणों तक पहुँचाया जा रहा है, जिसे स्थानीय पुलिस, SDRF एवं अन्य राहत एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से सुव्यवस्थित ढंग से वितरित किया जा रहा है, ताकि समय पर आवश्यक सहायता प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुँच सके।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव राजेंद्र सिंह ने धराली तथा आसपास के क्षेत्रों में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने धराली में ग्राउंड जीरो में संचालित रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली तथा सड़क, संचार एवं विद्युत आपूर्ति को बहाल किए जाने की दिशा में राज्य सरकार के स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में एनडीएमए तथा भारत सरकार के स्तर से जो भी सहयोग की आवश्यकता राज्य को होगी, वह सर्वोच्च प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान उन्होंने रेस्क्यू अभियान में आ रही चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली तथा केंद्रीय स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाते हुए त्वरित गति से राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न स्थानों में सड़क बाधित होने के कारण रेस्क्यू अभियान के लिए मानव संसाधन तथा उपकरण पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। हवाई सेवाओं के जरिए लगातार हर्षिल घाटी में विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को निकालकर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि धराली में राहत और बचाव कार्यों के लिए डोजर, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार के साथ ही अन्य सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन्हें एयरलिफ्ट कर सभी आवश्यक स्थानों पर वायु सेना के एमआई-17 और चिनूक हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने धराली में मिलट्री एंड सिविल कमांड पोस्ट के साथ ही इंसिडेंट कमांड पोस्ट को भी जल्द से जल्द सक्रिय करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों को सेक्टर में बांटते हुए सभी राहत एवं बचाव दलों की प्रत्येक सेक्टर के अनुसार तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, मेजर जनरल सुधीर बहल, कर्नल केपी सिंह, कर्नल नदीम अरशद तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी इस बैठक में शामिल हुए। सेना, वायु सेवा, एनडीआरफ, मौसम विज्ञान विभाग, आईटीबीपी के शीर्ष अधिकारियों ने भी बैठक में ऑनलाइन प्रतिभाग किया।
अध्ययन के लिए जल्द आएगी एनडीएमए में की टीम
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव राजेंद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही एक विशेषज्ञ दल इस आपदा के अध्ययन के लिए उत्तराखंड भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक विशेषज्ञ दल को एनडीएमए द्वारा विगत माह हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के अध्ययन के लिए भेजा गया था। उस रिपोर्ट के आधार पर भी यह पता चल सकेगा कि उत्तराखंड और हिमाचल में ऐसी घटनाएं क्यों घटित हो रही हैं। यह टीम पीडीएनए होने तथा अंतर मंत्रालय विशेषज्ञ दल के दौरे के तुरंत बाद भेजी जाएगी।
वित्त आयोग से खास प्रावधानों की सिफारिश की जाएगी
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि एनडीएमए आपदा की इस घड़ी में उत्तराखंड के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि एनडीएमए अपने स्तर पर वित्त आयोग से उत्तराखंड के लिए विशेष प्रावधानों की सिफारिश करेगा ताकि पुनर्निर्माण कार्यों में धन की कोई कमी ना रहे।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव श्री राजेंद्र सिंह ने बताया कि हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और औली में जल्द ही एक-एक डॉप्लर राडार स्थापित किए जाएंगे। इससे मौसम के पूर्वानुमान में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने मौसम विज्ञान विभाग को इस संबंध में उत्तराखंड के लिए प्राथमिकता तय करते हुए इन्हें जल्द स्थापित करने को कहा। इसके साथ ही मिशन मौसम के अंतर्गत राज्य के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में भी डॉप्लर राडार लगाए जाने का आश्वासन दिया।

