कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम धामी का बयान, कांवड़ियों की सुरक्षा और कांवड़ के नियमों का पालन व यात्रा को व्यवस्थित करने को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दिए निर्देश।
देहरादून– उत्तराखंड में आगामी 11 जुलाई से कावड़ यात्रा की शुरुआत हो रही है। देश के कोने-कोने से इस यात्रा में 4 करोड़ लोग शामिल होते हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा और कांवड़ के नियमों का पालन कराने के साथ-साथ यात्रा को व्यवस्थित करने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कावड़ मार्गों पर वेरिफिकेशन ड्राइव भी चलाई जा रही है। इसके साथ-साथ कांवड़ यात्रा में नशा मुक्ति का भी संदेश दिया जा रहा है। कांवड़ियों से कांवड़ के नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। सुरक्षा को लेकर पिछले दिनों हरिद्वार में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें दिशा निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इंटरस्टेट अधिकारियों की मीटिंग दी हुई है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सभी राज्यों से व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा पवित्र और महत्वपूर्ण यात्रा है। कांवड़ यात्रा में देशभर के लोग शामिल होते हैं। सीएम ने कहा कि कांवड़ बड़ी हो जाती है कांवड़ कितनी बड़ी रखनी है। डीजे का साउंड कितनी रखनी है और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की जा रही है।
कावड़ यात्रा मार्गों पर आम लोगों के साथ कावड़ियों को बिना मिलावट और शुद्ध खाने पीने की चीज मिले इसको लेकर उत्तराखंड फ़ूड सेफ्टी डिपार्टमेंट खाने पीने की चीजों की जांच करने में जुट गया है।
उत्तराखंड फूड सेफ्टी डिपार्मेंट की मोबाइल लैबोरेट्री वैन दुकानों से फूड सैंपल भी ले रही है और मौके पर जांच भी कर रही है। फ़ूड सैंपल में दूध, दही, पनीर, और अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों के सैंपल लिए गए। मौके पर फूड सेफ्टी ऑफिसर खुद सैंपल लिए।
मोबाइल वेन कावड़ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह सैंपल ले रही है और जांच कर रही है । फ़ूड सैंपल देहरादून हरिद्वार हाईवे के किनारे मौजूद दुकानों से लिये गए । वही सैंपल के अलावा फूड सेफ्टी लाइसेंस भी चेक किया जा रहे हैं।
फूड सैंपल की कैसे जांच होती है और उसमें मिलावट का कैसे पता लगता है, इस हाइटेक मोबाइल वैन में जाकर पाया कि जांच मात्र 10 मिनट में कई जाती है।
कावड़ यात्रा में कावड़ियों को बिना मिलावट और शुद्ध खाने पीने की चीज मिले इसके लिए जांच की जा रही है लेकिन ये जांच अगर नियमित रूप पर लगातार हो तो शायद इसका लाभ अन्य यात्रियों और आम लोगों को भी मिलें।

