15 पूर्व सैन्य अधिकारियों के समेत 1अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज,कॉलोनी में फर्जी तरीके से भूमि बेचने का हैं मामला।
देहरादून– राजधानी देहरादून के सबसे पॉश इलाको में एक डिफेंस कॉलोनी में फर्जी तरीके से 18 हजार वर्ग मीटर भूमि बेचने का मामला सामने आया है जिसमें कॉलोनी की समिति के 15 पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ 1 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
राजधानी देहरादून के सबसे पॉश इलाकों में से एक डिफेंस कॉलोनी में फर्जी तरीके से जमीन बेचने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसका आरोप कॉलोनी की समिति में शामिल सेना के 15 पूर्व अधिकारियों व एक अन्य पर लगा है और इस मामले में देहरादून के थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
दरअसल साल 1964 में भारत सरकार ने सेवा के पूर्व क्लास वन अफसरों के पुनर्वास के लिए देश में चार जगह जमीन खरीदी थी जिनमें से एक देहरादून की डिफेंस कॉलोनी मे 184 एकड़ भूमि भी थी और इस भूमि को सेवा के सहयोग से लेआउट बनाकर तैयार किया गया था सेना ने इस कॉलोनी में 680 प्लॉट का लेआउट प्लान तैयार किया था साथ ही इस कॉलोनी में उत्तर प्रदेश के कॉलोनी डिवलेपमेंट एक्ट के अनुसार हेल्थ सेंटर, पार्क और कृषि भूमि ओपन एरिया के तहत छोड़ी गई थी। वहीं इस कॉलोनी के रखरखाव के लिए द सैनिक सहकारी आवास समिति भी रजिस्टर्ड कराई गई थी जिसका काम सेवा के अफसर को ही इस कॉलोनी में प्लॉट देने प्रावधान रखा गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस समिति ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को साल 1985 में एक लेआउट तैयार जमा कराया था जिसमें 680 प्लॉट दिखाए गए थे लेकिन इसके बाद जो जमीन हेल्थ सेंटर और कृषि भूमि के लिए छोड़ी गई थी उसमें भी प्लाटिंग कर दी गई और तय रेट से भी कम दाम पर जमीन बेच दी गई और साल 1988 में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण में भी 680 प्लॉट की जगह 726 प्लॉट का नक्शा जमा करा दिया गया। यही नहीं आने वाले दिनों में समिति ने इस कॉलोनी में मनमाने ढंग से खुली जमीनों पर 54 प्लॉट काट दिए और मनमाने दम पर बेच दिया जबकि यह वह जमीन थी जिसे खाली जमीन के तौर पर कॉलोनी के बायलॉज के तहत छोड़ा गया था। वही खास बात यह है कि इस संबंध में एक केस भी कुछ साल पहले कोर्ट में दाखिल किया गया था इसके बाद भी समिति ने कई प्लॉट अवैध रूप से खुली जमीन पर काटकर बेच दिए हैं। अब इस मामले की जांच पुलिस भी कर रही है और शिकायतकर्ता से प्राप्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
डिफेंस कॉलोनी की खुली जमीनों को फर्जीवाड़ा कर बेचने के आरोप है ये सभी द सैनिक सहकारी आवास समिति लिमिटेड, डिफेंस कॉलोनी के समय-समय पर पदाधिकारी रहे हैं।
1964 में समिति का गठन हुआ ,183.89 एकड़ में 680 प्लॉट काटे गए, आरोप है कि कॉलोनी की खुली जमीनों को बेचा गया,
खुली जमीन से तात्पर्य पार्क,खेल का मैदान, सामुदायिक, मनोरंजन का मैदान,दस्तावेज और लेआउट प्लान में छेड़छाड़ कर अतिरिक्त 100 प्लॉट बेचने का आरोप ,अन्य लोगों को भी जमीन बेची गयी जिनका सैन्य सेवाओं से कोई ताल्लुक नहीं रहा,दूसरी तरफ डिफेंस कॉलोनी की समिति के पूर्व अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एसएल पैनुली इन सब आरोपी को आधारहीन बताते हैं।

