विधानसभा मानसून सत्र आहूत, धामी सरकार ने सत्र की तारीखें की घोषित।
देहरादून– ग्रीष्मकालीन सत्र को लेकर सरकार ने समय व स्थान तय कर लिया है। इसके लिए पिछले दिनों कैबिनेट ने मुख्यमंत्री धामी को अधिकृत किया था। यह ग्रीष्मकालीन सत्र 21 अगस्त से 23 अगस्त तक भराड़ीसैंण में आयोजित होगा। जिसका आदेश भी जारी हो चुका है।
21, 22 व 23 अगस्त को भराड़ीसैण में होगा विधानसभा सत्र।
रक्षाबंधन के बाद सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति
भराड़ीसैण में सत्र आहूत करने को लेकर लगातार उठ रही थी मांग
भराड़ीसैण में होगा विधानसभा सत्र, धामी सरकार ने सत्र की तारीखें की घोषित।
21 अगस्त से होने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सरकार की तरफ से जहां तैयारी को मुकम्मल रूप दिया जा रहा है। वहीं विधानसभा सचिवालय भी अपने स्तर पर पूरी तैयार है। विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने कहा है कि सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय पूरी तरह से तैयार हेल। कहा कि अभी तक तारांकित व प्रश्नकाल के दौरान उठाए जाने वाले 423 सवाल विधायकों के आ चुके हैं, जबकि सवालों के आने का सिलसिला जारी है।

ग्रीष्मकालीन सत्र को लेकर विपक्ष ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा है कि सरकार द्वारा सत्र की अवधि बहुत कम रखी गई है इस कम अवधि में प्रदेश के ज्वलंत प्रश्नों को कैसे उठाया जा सकता है जबकि पहले दिन शोक का होगा, दूसरे दिन अनुपूरक बजट पढ़ा जायेगा, जबकि तीसरे दिन इस पर चर्चा होगी। जिससे ज्वलंत सवाल नहीं उठाने का मौका नहीं मिलेगा कहा कि सरकार इस सत्र की अवधि को बढ़ाए। बताया कि विपक्ष ईमानदारी के साथ पहाड़ से लेकर मैदान तक कई मुद्दों के जरिए सरकार को घेरने का काम करेगी। जिसमें कानून व्यवस्था, किसानों व नौजवानों के मुद्दों सहित आपदा के विषय पर सरकार सरकार से सवाल पूछे जाएंगे।
वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री सवालों के जवाब के लिए तैयारी करके नहीं पहुंचते है। सरकार ने जनमुद्दों पर खामोशी की चादर ओढ़ ली है।आगे कहा कि सरकार सत्र में व्यवधान पैदा कर विपक्ष के सवालों से बचने का प्रयास करती है और अब सत्र की अवधि को केवल 3 दिन कर यह बात साबित हो चुकी है।


