सिलक्यारा टनल से बड़ी खबर,24 घंटे मे एक भी कदम नहीं बढ़ पाया रेस्क्यू ऑपरेशन, पहाड़ से हारी मशीन।

सिलक्यारा टनल से बड़ी खबर,24 घंटे मे एक भी कदम नहीं बढ़ पाया रेस्क्यू ऑपरेशन, पहाड़ से हारी मशीन।
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देहरादून– सिलक्यारा में पिछले 15 दिन से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। शुक्रवार की रात डिलिंग के दौरान किसी गार्डर में फंसने से मशीन की ब्लेड, बरमा और पुशर सभी क्षतिग्रस्त हो गये। 45 मीटर बरमे का 25 मीटर हिस्सा गार्डर से उलझ गया और टूट गया। गर्डर और उसमें फंसे बामे के टूटे हुए हिस्से को काटकर अलग करने के लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मशीन मंगाई गई है, जो देर रात मौके पर पहुंच गई। फिलहाल पाइप पुशिंग का काम बंद है। आगे की डिलिंग मैनुअली होगी और उसके बाद शेष 10 मीटर की पाइप पुशिंग होगी। इस बीच अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ अनोल्ड डिक्स ने ऑगर मशीन को धूल जाने की बात कहकर सभी को सकते में ला दिया है। उधर, सीएम पुष्कर सिंह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के अन्य विकल्पों पर भी तेजी से काम हो रहा है। हम राहत जल्द कामयाबी हासिल करेगे। मलबे के बीच से एस्केप टनल बनाने का अभियान शुक्रवार को दिन भर बंद रहा था। ग्राउंड पेनेटरिंग रडार के जरिए आगे के पांच मोटर तक किसी प्रकार की बाधा नहीं होने का संकेत मिलने के बाद सायंकाल मशीन चलाई गयी। लेकिन एक घंटे से भी कम समय चलने के बाद मशीन किसी पाइप या गर्डर में फंस गयी। अचानक आई इस बाधा से न केवल मशीन रुक गई बल्कि उसको मेन ब्लेड, पुशर और ड्रिलिंग करने वाला बरमा सभी क्षतिग्रस्त हो गये। बरमा का 25 मीटर हिस्सा टूटकर सामने में उलझ गया। जब तक इसे काट कर अलग नहीं किया जाता तब तक रेस्क्यू अभियान बंद रहेगा। इसके लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मशीन मंगाई गई है। शनिवार की शाम तक यह मशीन जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंच चुकी थी। यहां से सड़क मार्ग से इसे सिलक्यारा पहुंचा जा रहा है। आगे की कार्रवाई तभी शुरू होगी जब प्लाज्मा कटर मशीन सिक्यारा पहुंचेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्लाज्मा कटर मशीन आ जाने के बाद आगर मशीन के बरमा को काटकर अलग किया जाएगा।

उसके बाद मलवे के बीच आई बाधा को काटकर अलग किया जाएगा और फिर मैनुअली डिलिंग को जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि रविवार को ड्रिलिंग का काम पूरा हो जाए। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीम का दावा है कि ऑपरेशन को पूरा करने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में नए घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार को ऑगर मशीन के ब्लेड टूट गए थे और अब ब्लेड बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे है। पहली कोशिश है कि ऑगर मशीन को फिर से तैयार कर शेष सुरंग में पाइप डाला जाए, हालांकि कई बार की कोशिशों के बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीम को इसमें सफलता नहीं मिली है। एक बार फिर मशीन को तैयार करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल ड्रिलिंग कल से ठप है और अब वर्टिकल ड्रिलिंग 88 मीटर नीचे तक करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान पर अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ अर्नाल्ड डिक्स ने कहा है कि देश में एक अमेरिकी ऑगर मशीन थी और वह ऑगर (मशीन) टूट गई है। यह अपूरणीय क्षति है। डिक्स का यह बयान इशारा करता है कि रेस्क्यू ऑपरेशन लंबा चलने वाला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों को बाहर निकालने के कई विकल्प हैं। ऑगर मशीन ही एकमात्र रास्ता नहीं है। कहा कि वैसे तो फिलहाल सब कुछ ठीक है। लेकिन, हमें ऑगर मशीन को भूलना होगा। यानी इस ऑगर मशीन से और कोई काम नहीं होगा। शनिवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में डिक्स ने कहा कि यह जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन है। जल्दबाजी करने पर नुकसान हो सकता है। उन्होंने इशारा किया है कि आगे संभल कर काम करना होगा और इसमें क्रिसमस तक का वक्त लग सकता है।

Rupesh Negi

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