अंकिता भंडारी हत्या कांड का 1 साल पूरा, वीआईपी अभी भी नकाबपोश, श्रीनगर मे आंदोलन शुरू, आंदोलकारियों ने अंकिता भंडारी को दी श्रद्धांजलि।
देहरादून– दिवंगत अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले को 18 सितंबर को 1 वर्ष पूरा हो गया है, एक साल पहले ऋषिकेश वनतरा रिजॉर्ट में रिसेपशनिष्ट के पद पर काम करने वाली पौड़ी खंडाह श्रीकोट की रहने वाली अंकिता भंडारी के हुए हत्या कांड के हत्यारों को सजा न मिलने पर पहाड़ में आंदोलन की आग सुलग गई है। श्रीनगर के पिपलचौरी में आंदोलकारियों ने अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देते हुए आंदोलनकारियों ने कहा कि पहाड़ बेटी अंकिता भंडारी के साथ हुए कृतज्ञ हत्या कांड के दोषियों को सजा नहीं मिलने पर पूरे पहाड़ में न्याय के लिए आक्रोश की आग भड़क गई है। आंदोलनकारियों ने अंकिता को न्याय दो के नारे भी लगाए। इस आंदोलन में अंकिता भंडारी के पिता भी मौजूद रहे। राज्य सरकार पर आरोप लगाया की राजनैतिक संरक्षण के चलते सरकार अपराधियों के साथ खड़ी है जिससे अदालत में गवाहों द्वारा आरोपित होने के बावजूद भी अंकिता भंडारी को न्याय नही मिल पा रहा है।
दिवंगत अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले को 18 सितंबर को 1 वर्ष पूरा हो गया है जिसको लेकर सियासत लगातार जारी है। राज्य सरकार ने पौड़ी जनपद के डोभ श्रीकोट राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। जिस पर राजनीति भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर इस बात का एलान करते हुए राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम दिवंगत अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि हम बेटी अंकिता के परिजनों के साथ खड़े हैं और प्रदेश की हर बेटी का सम्मान और उसकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है। वही अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि इसके लिए सरकार से मांग की थी की डोभ श्रीकोट में स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखा जाए।
इस पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं, कांग्रेस ने कहा है कि सरकार वीआईपी के नाम का अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है, ना ही दिवंगत अंकित भंडारी के हथियारों को सजा दी गई है बल्कि अभियुक्तों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
उधर भाजपा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और समूची कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में राजनीति बंद कर देनी चाहिए क्योंकि सभी अपराधी जेल के अंदर है भाजपा प्रवक्ता वीरेंद्र बिष्ट ने कहा कि अगर हरीश रावत को वीआईपी का नाम पता है तो वो खुद प्रदेश के राज्यपाल को जाकर उस वीआईपी का नाम बता सकते हैं ताकि दिवंगत अंकिता भंडारी को इंसाफ मिल पाए।
अंकित भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस आज समूचे प्रदेश में कैंडल मार्च निकालेगी, वहीं भाजपा भी इस पर सियासत न करने की सलाह दे रही है। कुल मिलाकर अंकिता हत्याकांड मामले में पिछले 1 साल से सियासत जारी है। लेकिन सवाल वही है कि आखिर वह वीआईपी कौन था जिसके चलते अंकिता भंडारी की मौत हुई। हालांकि, इस मामले को लेकर सरकार ने कहा था की मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि अंकिता को जल्द न्याय मिल सके लेकिन अफसोस आज भी वीआईपी के नाम का खुलासा ना होना इस बात की दलील है कि इस पूरे मामले पर राज्य सरकार की पैरवी कमज़ोर है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा बार-बार प्रदेश सरकार पर किए जा रहे हैं हमलो का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जवाब दिया है उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के पास राजनीति करने का और कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह इस मुद्दे को लेकर बार-बार आंदोलन कर रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने एक बार फिर कहा कि घटना की जानकारी होने के बाद प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी की और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिजनों के साथ हमेशा खड़े रहे और उनकी हर संभव मदद सरकार ने की।

