प्रर्दशन,प्रतिष्ठान बंद, पुरोहितों का फूटा गुस्सा, ये हो क्या रहा केदारनाथ में ?
देहरादून/केदारनाथ– सुबह की तस्वीर केदारनाथ की बहुत अलग है। जँहा पर तीर्थपुरोहितों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। केदारपुरी में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद किये गये हैं। केदारपुरी में रैली निकालकर पुरोहित प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है।
आखिर ऐसा अचानक क्या हुआ की केदारनाथ धाम से ऐसी तस्वीरें आने लगी हैं। दरअसल, केदारनाथ आपदा से प्रभावित तीर्थ पुरोहितों को 2013 से भूमिधर अधिकार के तहत भवन नहीं दिये जाने और खड़े भवनों के साथ छेड़छाड़ किये जाने से आक्रोशित तीर्थ पुरोहितों ने समस्त केदारनाथ धाम से लेकर यात्रा पड़ावों तक बंद का ऐलान किया हुआ है। 24 घंटे तक केदारपुरी के बाजार बंद रहेंगे, जिससे तीर्थ यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
तीर्थ पुरोहितों ने केदारनाथ में व्यवसायरत सभी व्यापारियों (मंदिर प्रांगण से भैरवनाथ गदेरे तक) को सूचित किया गया कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ 16 सितंबर को केदारनाथ से भैरव गदेरे तक के संपूर्ण व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह 7 बजे से अगले दिन 17 सितंबर सुबह 6 बजे तक पूर्णतया बंद रखें। सभी व्यापारियों से अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रखने को कहा गया है। ऐलान ये भी है कि 24 घंटे के बाजार बंद के बाद भी सरकार नहीं जागी तो 18 सितंबर से आमरण अनशन किया जायेगा।
तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि केदारनाथ धाम में वर्ष 2013 की आपदा आने से तीर्थ पुरोहितों के भवन ध्वस्त हो गए थे, तब से लेकर आज तक उन्हें भवन नहीं मिले हैं। इसके साथ ही जो भवन खड़े हैं, उनको भी तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही धाम में चल रहे कार्यों में उनकी कोई राय नहीं ली जा रही है। भवनों का निर्माण मंदिर के शीर्ष से ऊपर किया जा रहा है। ऐसे में धाम की परंपरा खराब हो रही है। तीर्थ पुरोहित अपनी इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 24 घंटे तक केदारपुरी के बाजार बंद रहेंगे। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
इससे पहले 2013 की आपदा के दौरान भी तीर्थ पुरोहित अपनी कुछ मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, उस दौरान भी तीर्थ पुरोहितों ने बाजार बंद किया था और अब फिर से केदारनाथ धाम बंद किया गया है। यहां रैलियां की जा रही हैं, सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। बड़ी बात ये है कि बारिश कम होने के बाद यात्रा फिर से सुचारू हुई थी लेकिन इसी बीच बाजार बंद करने से यहां पहुंच रहे यात्रियों को भारी दिक्कत हो रही हैं वहीं देश-विदेश में भी अच्छा संदेश नहीं पहुंच रहा है। अब सरकार की ओर से इसपर पुरोहितों को मनाने के लिए और उनकी मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है, ये देखने वाली बात होगी।

