पूर्व मंत्री के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, क्या अब कसेगा शिकंजा, विजिलेंस के रडार पर पूर्व मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा पाप का घड़ा फूटता जर्रूर है।
देहरादून– विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क के पाखरो रेंज में हुए कथित घोटाले की जांच अब पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के प्रतिष्ठानों तक जा पहुंची है। 30 अगस्त को विजिलेंस की टीम ने देहरादून स्तिथ हरक सिंह रावत के बेटे के मेडिकल कॉलेज में छापेमारी कर जरूरी दस्तावेज कब्जे में लेने का काम किया है। वहीं यहां से विजिलेंस को लाखो रुपए कीमत का एक जेनरेटर भी बरामद हुआ है, जोकि वन विभाग का बताया जा रहा है।
हरक सिंह रावत के बेटे के मेडिकल कॉलेज समेत कई ठिकानों पर विजिलेंस का छापा पड़ा है। ऐसे में अब राजनीति भी तेज हो गई है। विजिलेंस के रडार पर आए पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का साफ कहना है की पाप का घड़ा फूटता जरूर है और यह पूरी कार्यवाही क्लाइमैक्स की तरफ जा रही है।
विजिलेंस अपनी जांच कर रही है। लेकिन उससे पहले ही नेताओ के बीच आरोपों का दौर शुरू हो गया है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हरक सिंह पर हुई कार्यवाही को पाप का घड़ा भरने की बात कर रहे है। वहीं हरक सिंह रावत ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि एक बार पूर्व मुख्यमंत्री अपनी भी जांच कराले। जिसमे पता चल जायेगा की भ्रष्ट मंत्री का मुख्यमंत्री भी कितना भ्रष्ट था।
हरक सिंह रावत को गढ़वाल का शेर कहा जाता है और खुद हरक सिंह दावा करते है की वो प्रदेश में किसी भी क्षेत्र से चुनाव लड़कर जितने का दम रखते है। ऐसे में अब विजिलेंस की छापेमारी ने राजनीति को गर्माने का काम किया है। जिसके नतीजे काफी चौंकाने वाले होंगे।

