नमामि गंगे के सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चमोली में 16 मौतों के आरोप, विघुत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरतने वाले 03 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

नमामि गंगे के सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चमोली में 16 मौतों के आरोप, विघुत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरतने वाले 03 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
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देहरादून– दिनांक 18.07.23 की रात्रि को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (नमामि गंगे) पुराना बाजार चमोली में ड्यूटीरत ऑपरेटर गणेश का शव दिनांक 19.07.23 की प्रातः को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बाहर सीढियों के पास पड़ा हुआ मिला। सूचना पर थाना चमोली से चौकी प्रभारी पीपलकोटी उ0नि0 प्रदीप रावत, अ0उ0नि0 रामेश्वर प्रसाद भट्ट, हो0गा0 गोपाल, हो0गा0 मुकुन्दी लाल, पीआरडी रामचन्द्र पंचायतनामा की कार्यवाही के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया ऑपेरटर की मृत्यु बिजली के करंट लगने के कारण होना प्रतीत हो रहा था। सम्पूर्ण परिसर में करंट फैले होने की आशंका के तहत पुलिस बल द्वारा परिसर में प्रवेश नहीं किया गया। विद्युत उपखण्ड कोठियालसैंण में संविदा पर तैनात लाईनमैन सैन सिंह द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में करंट न होने की पुष्टि करने के पश्चात ही पंचायतनामे की कार्यवाही हेतु उ0नि0 प्रदीप रावत द्वारा मय पुलिस बल के साथ एसटीपी परिसर में प्रवेश किया गया। इस दौरान वहां मृतक गणेश के शव को न उठाने व मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिए जाने को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण व स्थानीय निवासी जमा हो गये, मौके पर मौजूद पुलिस बल द्वारा लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस दौरान लाईनमैन सैन सिंह, सतेन्द्र, गोपाल द्वारा निजमुला-कोठियालसैंण विद्युत लाईन में अल्कापुरी के पास आये फाल्ट को ठीक करने के पश्चात लाईनमैन सैन सिंह द्वारा महेन्द्र सिंह को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना दी गयी। लेकिन महेन्द्र सिंह द्वारा इस पर कोई सावधानीपूर्वक विचार नहीं किया और फॉल्ट मिलने पर समय 11:12 बजे सब स्टेशन कोठियालसैंण से शटडाउन लिया तथा फॉल्ट ठीक करने पर बिना किसी जांच पडताल के समय लगभग 11:25 बजे शटडाउन वापस ले लिया जिससे एसटीपी प्लांट पर करंट बढ गया और खुली हुयी लाईन एवं चेंज ओवर में धमाके के साथ चारों तरफ करंट फैल गया। जिससे वहां अफरा-तफरी फैल गयी और लोग एक दूसरे पर करंट लगने से गिर गये। जिसके पश्चात लगभग 11:29 बजे पुलिस के हस्तक्षेप से लाईट बंद करायी गयी व घायलों को स्थानीय पुलिस व प्रशासन के द्वारा जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया जिसमें उ0नि0 प्रदीप रावत व 03 होमगार्ड्स सहित कुल 16 लोगों की मृत्यु हो गयी एंव 11 व्यक्ति घायल हुए।
दिनांक 20.07.23 को कोतवाली चमोली पर हल्का पटवारी नीरज स्वरूप द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली चमोली पर मुकदमा अपराध संख्या 29/2023 धारा 304 भादवि तथा 13/31 खतरनाक मशीन विनियमन अधिनियम 1983 बनाम पवन चमोला पंजीकृत किया गया है। अभियोग की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चमोली कुलदीप रावत द्वारा की जा रही है।
अभियोग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा वास्तविक अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी चमोली प्रमोद कुमार शाह के नेतृत्व में 03 टीमों का गठन कर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन में विद्युत उपकरण सुरक्षा मानकों, अनुबंध की शर्तों विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र आदि बिंदुओं पर गहराई से विवेचना करने के निर्देश दिए ।
विवेचना के दौरान विद्युत सुरक्षा विभाग, जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता के बाद एवं निरीक्षण घटनास्थल से इस बात की पुष्टि हुयी कि एसटीपी प्लांट को चलाने वाली ज्वांइट वेंचर कम्पनी 1-ज0बी0एम व 2-कॉन्फिडेंट इंजीनियरिंग इण्डिया प्राईवेट लिमिलेट द्वारा नियुक्त सुपरवाईजर पवन चमोला तथा प्लांट के संचालन को देख रहे जल संस्थान के प्रभारी सहायक अभियन्ता हरदेव लाल आर्य तथा ज्वाइंट वेंचर कम्पनी के स्वामियों एवं अधिकारियों ने खतरनाक विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरती और सुरक्षा मानकों के विपरीत चेंज ओवर को बॉक्स के ऊपर रखा और इस प्रकार पूरे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को टीनशैड एवं विद्युत सुचालक लौह धातु से बनी संरचना में इस प्रकार चलाया जा रहा था जिससे दिनांक 19.07.2023 को करंट लीक होने से जघन्य अपराध मानव वध की घटना घटित हुयी। विवेचना में एसटीपी प्लांट के संचालन एवं सुपुर्दगी के अनुबंध में गंभीर अनियमितताएं पायी गयी हैं एवं पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में संलिप्त 03 अभियुक्तों को दिनांक 21.07.2023 को बाद कडी पूछताछ के बाद सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में करंट से हुई 16 मौतों का ज़िम्मेदार मानते हुए तीन अभियुक्तों को चमोली पुलिस के द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया है. इनमें से एक एसटीपी का संचालन कर रही कंपनी का सुपरवाइजर, एक यूपीसीएल का लाइनमैन और जल संस्थान गोपेश्वर का अपर सहायक अभियंता शामिल हैं, पुलिस के द्वारा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश जारी है।

गिरफ्तार अभियुक्त
पवन चमोला पुत्र बुद्धि बल्लभ चमोला निवासी ग्राम छैकुडा थाना थराली जनपद चमोली (सुपरवाईजर ज्वांइट वेंचर कम्पनी)
महेन्द्र सिंह जयपाल सिंह निवासी ग्राम कुहेड थाना व जिला चमोली (लाईनमैन उ0ख0 विद्युत विभाग)
हरदेव लाल आर्य पुत्र जतनी लाल निवासी ग्रमा इडक पो0ओ0 गडोली तहसील बडकोट जिला उत्तरकाशी (प्रभारी सहायक अभियन्ता उत्तराखण्ड जल संस्थान गोपेश्वर चमोली)।

एम्स ऋषिकेश में भर्ती चमोली हादसे के 11 घायलों में से 9 लोगों को उपचार के बाद एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि अन्य 2 घायलों का अभी अस्पताल के ट्राॅमा वार्ड में इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है, इस दौरान केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री अजय भट्ट ने एम्स पंहुचकर घायलों का हाल जाना।

घायलों की स्थिति में सुधार होने पर शुक्रवार को इनमें से 9 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. डिस्चार्ज किए गए लोगों में अभिषेक पाल पुत्र राजेन्द्र पाल, पवन सिह राठौर पुत्र उदय सिंह, जयदीप पुत्र हरीश लाल, धीरेन्द्र रावत पुत्र राजेन्द्र रावत और सुभाष खत्री पुत्र दौलत सिंह के अलावा नरेन्द्र पुत्र असील दास, आनन्द पुत्र स्व गम्मा लाल, रामचन्द्र पुत्र पुष्कर लाल और महेश पुत्र रूप दास शामिल हैंं. इस बारे में एम्स के ट्रॉमा सर्जन डाॅ नीरज कुमार ने बताया कि डिस्चार्ज किए गए सभी घायल अब खतरे से बाहर हैं, उनका समुचित उपचार करने के बाद ही स्थिति सामान्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दी गयी है।

चिकित्सकों के अनुसार ट्राॅमा आईसीयू में भर्ती संदीप पुत्र सुलोचन राम की हालत में कुछ सुधार हुआ है. डाॅ0 नीरज कुमार ने बताया कि संदीप को अब वेन्टिलेटर से हटा दिया गया है, हांलाकि अभी उन्हें फेस मास्क सपोर्ट पर रखा गया है, शुक्रवार को उन्हें ऑरली लिक्विड डाइट भी दी गयी और वह बातचीत करने की स्थिति में हैं, उधर ट्राॅमा रेड जोन में भर्ती घायल सुशील पुत्र सुदामा की हालत में अभी ज्यादा सुधार नहीं हो पाया है, वह अब पूर्ण तौर से सेन्स में हैं, लेकिन उन्हें किडनी की समस्या से दिक्कतें अभी भी बनी हुई हैं।

Rupesh Negi

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