टिहरी गांव के लोगो को मिला जिला न्यायालय से मिला 7 साल बाद न्याय,ये थी वजह।
टिहरी– टिहरी बांध से प्रभावित नंदगांव के 16 ग्रामीणों को जिला न्यायालय ने दोषमुक्त कर बाइज्जत बरी कर दिया गया है। जो कि ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर हैं। दरअसल मामला यह था कि टिहरी बांध से प्रभावित नंदगांव के ग्रामीण साल 2015 में अपने विस्थापन की मांग को लेकर पुनर्वास निदेशालय कार्यालय नई टिहरी के बाहर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए थे और जब धरना समाप्त नहीं हुआ तो, पुनर्वास विभाग ने इन सभी 16 ग्रामीणों के खिलाफ इनके शांतिपूर्ण धरने को विफल करने के लिए मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। और सभी का ग्रामीणों का न्यायालय में लंबा परीक्षण चला जिसके बाद पक्ष विपक्ष की कानूनी दलीलों के बाद निशा देवी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी 16 ग्रामीण सहित बीजेपी के नेता खेम सिंह चौहान,पदम सिंह एवं सोहन सिंह राणा सहित अन्य ग्रामीणों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया गया है। उसके बाद पैरवी करने वाले अधिवक्ता शांति प्रसाद भट्ट,आनंद बेलवाल और राजपाल मियां ने न्यायालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया है,क्योंकि ग्रामीणों की जायज मांग थी और वह शांतिपूर्ण ढंग से ही अपना धरना चला रहे थे। बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने भी जिला न्यायालय का आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि न्यायालय ने हमारे पक्ष में फैसला दिया है,जो कि एक उचित न्याय मिला है।

