तीन दिवसीय चिंतन शिविर में भाग लेने मसूरी पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रदेश की दिशा तय करने की उम्मीद।

तीन दिवसीय चिंतन शिविर में भाग लेने मसूरी पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रदेश की दिशा तय करने की उम्मीद।
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देहरादून/मसूरी– लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में उत्तराखंड सरकार का तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित हो गया है जिसमें प्रदेश के सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही मुख्यमंत्री शिरकत कर रहे हैं इस चिंतन शिविर को लेकर प्रदेश सरकार खासा आत्मविश्वास में दिखाई दे रही है और इससे प्रदेश की दिशा तय करने की उम्मीद जताई जा रही है
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चिंतन के साथ ही चिंता करने की भी आवश्यकता है कि हमारा प्रदेश किस दिशा में आगे बढ़ रहा है उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस चिंतन शिविर के माध्यम से रोडमैप तैयार किया जाएगा अर्थव्यवस्था जीएसटी अधिकारियों और नेताओं का दूरदराज के क्षेत्रों में प्रवास के भी कार्यक्रम तय किए जाने हैं उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश के समय में लखनऊ से योजनाएं तैयार की जाती थी उसको भी ध्यान में रखकर कार्य किया जा रहा है उन्होंने कहा कि योजनाएं सिर्फ देहरादून तक ही सीमित ना हो और यह दूरदराज के क्षेत्रों में भी लागू की जा सके इसके लिए भी चिंतन शिविर में वार्ता की जाएगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड 2025 में देश के आदरणीय राज्यों में शामिल होगा उसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर से अमृत निकलेगा जो राज्य की दिशा तय करेगा साथ ही अधिकारियों और सभी मंत्रियों के लक्ष्य तय किए जाएंगे

मसूरी में सरकार के हो रहे हैं चिंतन शिविर को लेकर वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस चिंतन शिविर में जो मंथन होगा उस मंथन से उत्तराखंड राज्य आगामी वर्षों में विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा और यही चिंतन से ही उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि 3 दिन तक चलने वाले इस चिंतन शिविर में सरकार और शासन के अधिकारी विकास के परियोजनाओं पर मंथन करेंगे उत्तराखंड राज्य के लिए कौन सी परियोजना जरूरी है उसका रोडमैप क्या होगा और कैसे उस योजना पर आगे बढ़ा जा सकता है उनको चीजों को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। चिंतन शिविर इसलिए भी जरूरी है कि प्रधानमंत्री के दिखाए गए मार्ग पर आगे बढ़कर उत्तराखंड राज्य को श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में शुमार करना है… इसलिए चिंतन शिविर के माध्यम से ही विकास का अमृत निकलेगा और उस अमृत से उत्तराखंड राज्य को लाभ मिलेगा।

वहीं चिंतन शिविर को लेकर मसूरी विधायक और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का कहना है कि सरकार लगातार प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार कर रही है। उसी कड़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है। जहां योजनाओं पर चर्चा भी होगी और धरातल पर काम भी होगा।

सरकार के चिंतन शिविर पर कांग्रेस चुटकी लेने का काम कर रहा है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि आप कितने ही शिविर लगाकर मंथन करते रहे। लेकिन असल हकीकत में इसका कोई फायदा आम जनता को होने वाला नहीं है। सरकार और अधिकारियों के बीच किस तरह का समन्वय है, यह सभी को पता है,जनता का भला कैसे होता है।

मसूरी में आयोजित चिंतन शिविर में उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुखबीर सिंह संधू ने अधिकारियों की पोल खोलने का काम किया है। अपनी कड़क कार्यशैली और कई बार ब्यूरोक्रेट्स को सीधे मुंह कड़क अंदाज में हड़काने के लिए भी मुख्य सचिव की पहचान है। वहीं जिस अंदाज में मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में आयोजित उत्तराखंड सरकार के चिंतन शिविर के पहले दिन ब्यूरोक्रेट्स को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कही है। उससे काफी हद तक शासन प्रशासन में बैठने वाले ब्यूरोक्रेट्स की पोल भी खुल गई है। मुख्य सचिव का साफ कहना है की कई अधिकारी फाइलों में ना कहने को अपनी शान समझते हैं और इगो से जोड़कर देखते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए आपके फाइलों में ना कहने की वजह से जनता परेशान हो जाती। वहीं सरकार आपको ना कहने के लिए नही बल्कि जनता के काम करने की तनख्वाह देती है।

 

Rupesh Negi

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