नही रही पर्वतारोही सविता कंसवाल 12 मई 2022 को माउंट एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा।

नही रही पर्वतारोही सविता कंसवाल 12 मई 2022 को माउंट एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा।
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उत्तरकाशी– उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी ब्लॉक स्थित ग्राम लौंथरू निवासी युवा पर्वतारोही सविता कंसवाल ने इसी साल 12 मई को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराया।

इसके 15 दिन के भीतर 28 मई को माउंट मकालू चोटी का भी सफल आरोहण किया।
इतने कम समय में दोनों पर्वतों को फतह कर सविता ने नया राष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम किया।
(एवलांच) मे इस हादसे ने उत्तरकाशी की ही रहने वाली बहादुर पर्वतारोही और ट्रेनर सविता कंसवाल को भी छीन लिया। सविता इस दल की ट्रेनर थीं।
सविता ने कुछ ही महीने पहले विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर प्रदेश, जिले का वर्चस्व पूरे भारत में फैलाया और अपनी ऊंचाइयों को उड़ान दी थी, एवरेस्ट आरोहण के 15 दिन के भीतर सविता ने माउंट मकालू का भी सफल आरोहण कर रिकॉर्ड बनाया था।
इसके साथ ही माउंट ल्होत्से चोटी पर तिरंगा लहराने वाली सविता देश की दूसरी महिला पर्वतारोही बनी थीं।

उत्तरकाशी में हिमस्खलन में फंसे 19 पर्वतारोहियों के शव मिल गए हैं
शवों को आज हेलीकॉप्टर से रहे लाया जा सकता है उत्तरकाशी के मातली हेलीपेड

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि दरार से कुल 19 शव बरामद किए गए हैं। आज उन्नत हल्के हेलीकाप्टर से शवों को मतली हेलीपैड तक लाने का प्रयास किया जाएगा। कुल 30 बचाव दल तैनात हैं

हिमस्खलन हादसे के तीसरे दिन गुरुवार को रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंचने में कामयाब हो गईं। टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए। अब तक कुल 19 पर्वतारोहियों के शव निकाल लिए गए हैं।
क्षेत्र में बर्फबारी शुरू होने के कारण गुरुवार दोपहर के बाद हवाई रेस्क्यू रोक दिया गया है। लेकिन मौके पर मौजूद टीमें लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनेरिंग (निम) के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि गुरुवार सुबह वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और हाईएल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल, गुलमर्ग, कश्मीर की टीमें हिमस्खलन वाले स्थान तक पहुंचने में कामयाब हो गईं।
टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए। जबकि, अन्य लापता पर्वतारोहियों की तलाश की जा रही है।
अब तक मिले 19 शवों में से दो निम के प्रशिक्षक और 17 प्रशिक्षुओं के हैं। डीएम अभिषेक रुहेला ने इसकी पुष्टि की है।
सभी पर्वतारोहियों के शवों को डोकरानी बामक एडवांस बेस कैंप में रखा गया है। हवाई रेस्क्यू शुरू होने पर इन्हें उत्तरकाशी लाया जाएगा।

डीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद द्रौपदी डांडा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी शुरू हो जाने से हेलीकॉप्टरों से किया जा रहा रेस्क्यू रोक दिया गया । शुक्रवार को मौसम ठीक रहने पर ही फिर से हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की उम्मीद है।

द्रोपती डांडा -2 से अब तक 19 शव मिले,4 शवों को हर्षिल के आर्मी हेलीपेड लाया गया।
हर्षिल से 04 शव उत्तरकाशी भेजे जा चुके है।
4 पर्वतारोहियों के शवों कि पुष्टि हुई है, जिसमे सविता कंसवाल, नौमी रावत, अजय बिष्ट, शिवम केंथोला का शव जिला अस्पताल पहुंचा।

 

Rupesh Negi

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