विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के निजी स्टाफ की भर्ती पर गरमाई सियासत, अध्यक्ष बोली- ये सिर्फ भ्रामक प्रचार।
देहरादून– उत्तराखंड विधानसभा में बैकडोर भर्ती में लगे स्टाफ की नियुक्तियां समाप्त होने का मामला शांत भी नही हुआ था कि अब खुद विधानसभा अध्यक्ष के निजी निसंवर्गीय स्टाफ के भी बैकडोर से भर्ती होने की बात सामने आई है। जिसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने इसे भ्रामक प्रचार बताया है। विधान सभा अध्यक्ष का कहना है की पूरे देश में विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रियों को अपना निजी स्टाफ रखने का विशेषाधिकार होता है। जो व्यक्ति की नियुक्ति तक उसके साथ होते है।
उत्तराखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और विधानसभा में बैकडोर से भर्तियों को लेकर बीते दिनों हुए विवाद के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के निजी स्टाफ में राज्य के बाहर के लोगों को नियुक्त करने पर विवाद शुरू हो गया है। उनके स्टाफ के कर्मचारियों की सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
सोशल मीडिया पर लोग स्थानीय की बजाए राज्य से बाहर के लोगो को नौकरी देने को लेकर सवाल खड़े हो रहै है। पिछले दिनों स्पीकर खंडूड़ी ने वर्ष 2016 के बाद विधानसभा में बैकडोर से नियुक्त कर्मचारियों को बाहर करने का साहसिक फैसला लिया। उनके इस फैसले की जमकर सराहना हो रही थी। पर अब खुद उनके ही निजी स्टाफ के कर्मचारियों की एक सूची वायरल हो रही है।
स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि विधानसभा के जिन विभागों में कर्मचारी नहीं हैं उनके लिए सरकार से कर्मचारी मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मियों को हटाने के बाद यह समस्या आनी ही थी, हालांकि पदों की रिस्ट्रक्चरिंग के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
दरअसल विधानसभा की पिछली भर्तियों में विवाद और जांच के बाद 250 कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई जारी है। इससे लेखा और अधिष्ठान विभाग खाली हो गए हैं। हालांकि कुछ सेक्शनों में अभी भी ज्यादा कर्मचारी हैं। साथ ही बताया जा रहा है कि रिपोर्टर भी बहुत कम रह गए हैं और रक्षकों के पद भी खाली हो गए हैं।
इसे देखते हुए विधानसभा में कर्मियों की रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर कसरत शुरू होने जा रही है। विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि अब विभागवार कर्मियों की उपलब्धता का ब्योरा नए सिरे से तैयार हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल सरकार से जरूरत के अनुसार कर्मचारी मांगे जाएंगे।
विधान सभा में पदों की रिस्ट्रक्चरिंग कराई जा रही है और जरूरत के अनुसार पद सृजित कर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा, विधानसभा में कर्मचारियों की नियुक्ति पारदर्शी तरीके से करने के लिए सख्त नियम बनाए जाएंगे ताकि भविष्य में भर्तियों पर विवाद न हो।
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